यूपी के परिषदीय स्कूलों में 17 से 21 नवंबर तक होंगी अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं, कक्षा 1 से 8 तक का कार्यक्रम जारी

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प्रयागराज, 29 अक्टूबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय से दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को जमानत मिली। अदालत ने सजा निलंबित की, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है । उच्च न्यायालय ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी है। हालांकि, अदालत ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी है।

जस्टिस समित गोपाल की एकल बेंच ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर यह फैसला सुनाया। दोनों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की थी।346 दिन से जेल में हैं आजमआजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में 17 नवंबर 2025 को 7-7 साल की सजा सुनाई गई थी। सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को उसी दिन हिरासत में लेकर रामपुर जिला जेल भेज दिया गया था। करीब 11 महीने 12 दिन यानी 346 दिन से दोनों जेल में हैं। इस फैसले के खिलाफ दोनों ने सेशन कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 20 अप्रैल 2026 को अपील खारिज हुई और सजा बरकरार रही. फिर दोनों ने हाई कोर्ट का रूख किया।15 अक्टूबर को सुरक्षित रखा था फैसलादो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम की याचिकाओं पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी हुई थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने जमानत और सजा निलंबन की मांग स्वीकार कर ली है, जबकि दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.क्या जेल से बाहर आ सकेंगे आजम खान और अब्दुल्ला उच्च न्यायालय से जमानत मिलने और सजा निलंबित होने के बावजूद दोनों की रिहाई अन्य लंबित मामलों की स्थिति पर निर्भर करेगी। जानकारी के मुताबिक, दोनों के खिलाफ दो अन्य मामले भी लंबित हैं। अगर उन मामलों में पुलिस की ओर से बी-वारंट नहीं लिया गया है और रिहाई में कोई दूसरी कानूनी बाधा नहीं है, तो दोनों जेल से बाहर आ सकते हैं।क्या है दो पैन कार्ड मामला?यह मामला अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड होने के आरोपों से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दोनों पैन कार्ड में अलग-अलग जन्मतिथियां दर्ज थीं और चुनावी नामांकन से जुड़े दस्तावेजों में दूसरे पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया. इस मामले में निचली अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी. दोनों ने इस फैसले को चुनौती दी थी।

जौहर यूनिवर्सिटी अटैचमेंट के बीच फैसलाआजम खान को यह राहत ऐसे समय मिली है, जब एक दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी संपत्ति अटैच की गई। अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपये है, हालांकि मौजूदा दौर में इनकी बाजार कीमत करीब 1170 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और अन्य लोगों के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई है।