फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ेंगे किसान, 31 मई तक गांव-गांव लगेंगे कैंप
फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ेंगे किसान, 31 मई तक गांव-गांव लगेंगे कैंप
बरेली, 5 अप्रैल । फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पाने वाले किसानों को अब एक और मौका दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने एग्रीस्टैक परियोजना के तहत 6 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस दौरान हर राजस्व ग्राम में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई जाएगी, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं, एमएसपी खरीद और अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
उप कृषि निदेशक हिमांशु पांडे ने बताया कि सरकार किसानों को बिचौलियों से बचाने और योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खातों तक पहुंचाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य प्रत्येक किसान को डिजिटल डाटाबेस से जोड़ना है, ताकि उन्हें किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के तहत किसान की भूमि को उसके आधार से लिंक कर एक यूनिक आईडी तैयार की जाती है। इसी एक आईडी के जरिए किसान विभिन्न विभागों की योजनाओं, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद, फसल बीमा, ऋण और राहत योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।
फार्मर रजिस्ट्री चार अलग-अलग माध्यमों से कराई जा सकती है। पहला, किसान स्वयं मोबाइल एप के जरिए अपनी रजिस्ट्री कर सकता है। दूसरा, कृषि विभाग के कर्मचारी सहायक मोड में मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से रजिस्ट्री कराएंगे। तीसरा, कैंप मोड में कृषि विभाग और राजस्व विभाग के कर्मचारी गांवों में शिविर लगाकर किसानों की रजिस्ट्री करेंगे। चौथा, किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर भी रजिस्ट्री करा सकता है।
फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए किसानों को तीन जरूरी दस्तावेज देने होंगे। इनमें आधार कार्ड, खतौनी की छायाप्रति और आधार से लिंक मोबाइल नंबर शामिल है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे गांवों में लगने वाले कैंपों में इन दस्तावेजों के साथ पहुंचें।
जिले में कृषि विभाग और राजस्व विभाग की ओर से गांव-गांव में कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैंपों में लेखपाल और कृषि कर्मचारी किसानों की मदद करेंगे। जो किसान कैंप में नहीं पहुंच पाएंगे, वे जन सेवा केंद्रों के माध्यम से भी अपनी फार्मर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री बनने के बाद किसानों को कई सुविधाएं मिलेंगी। उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल बेचने में आसानी होगी। साथ ही संस्थागत खरीदारों और कृषि इनपुट सप्लायर से जुड़ने का अवसर मिलेगा। किसानों को फसली ऋण, फसल बीमा, आपदा राहत और अन्य योजनाओं का लाभ लेने में भी सुविधा होगी।
फार्मर रजिस्ट्री का उपयोग केवल कृषि विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। इसका लाभ गन्ना, उद्यान, मत्स्य, खाद्य एवं विपणन जैसे अन्य विभागों की योजनाओं में भी मिलेगा। इससे किसानों को अलग-अलग विभागों में बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त प्राप्त करने के लिए भी फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता को पूरा करना जरूरी होगा। ऐसे में किसानों को समय रहते अपनी रजिस्ट्री जरूर करा लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशन में जिलेभर में ग्रामवार कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। जन सेवा केंद्र संचालकों, ग्राम प्रधानों और अन्य जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। किसानों से अपील की गई है कि वे खतौनी, आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर के साथ अपने गांव में आयोजित शिविर या नजदीकी जन सेवा केंद्र पर पहुंचकर फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं।