दूल्हे आजाद बिंद हत्याकांड : 25 दिन बाद एसटीएफ -एसआईटी ने एक लाख का इनामी रवि यादव को मुठभेड़ में किया ढेर

जौनपुर में एसटीएफ और एसआईटी की बड़ी कार्रवाई, दूल्हे आजाद बिंद हत्याकांड का मुख्य आरोपी ढेर

दूल्हे आजाद बिंद हत्याकांड : 25 दिन बाद एसटीएफ -एसआईटी ने एक लाख का इनामी रवि यादव को मुठभेड़ में किया ढेर

जौनपुर, 25 मई । उत्तर प्रदेश के जौनपुर में सरायख्वजा थाना अंतर्गत बीते एक मई को हुए चर्चित दूल्हे आजाद बिंद हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी आरोपित रवि यादव को पुलिस ने सोमवार तड़के मुठभेड़ में मार गिराया। घटना के 25 दिन बाद हुई इस कार्रवाई को एसआईटी और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।

पुलिस के अनुसार, आजाद बिंद हत्याकांड में नामजद तीनों फरार आरोपितों की लगातार तलाश की जा रही थी। इनमें आजमगढ़ निवासी प्रदीप बिंद, खेतासराय निवासी रवि यादव तथा सरायख्वाजा निवासी भोले राजभर शामिल थे। गुप्त सूचना मिलने पर सोमवार तड़के पुलिस टीम ने घेराबंदी की। इस दौरान हुई मुठभेड़ में रवि यादव घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

रवि यादव पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बड़उर गांव निवासी आजाद बिंद (24)की शादी खेतासराय थाना क्षेत्र के बीबीपुर (जमदहां) निवासी सोनी बिंद से तय हुई थी। एक मई की रात आजाद बिंद बारात लेकर जा रहे थे। इसी दौरान बादशाही बाजार के पास बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने उनकी कार रोककर गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए थे।

मृतक के पिता राम लखन बिंद की तहरीर पर पुलिस ने तीनों नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस अब तक 13 लोगों को शरण देने और सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। वही इस मामले में घायल थानाध्यक्ष के के सिंह ने बताया कि बीती रात मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी रवि यादव हाइवे से कही भागने की फिराक में है। इस पर घेरा बंदी करते हुए पकड़ने का प्रयास किया तो उसने फायरिंग शुरू कर दिया। इस पर पुलिस की तरफ से की गई फायरिंग में वह घायल हो गया जबकि उसका एक साथी फरारा हो गया।

घायल अवस्था में उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया जहां से उसे बेहतर उपचार के लिय जिला अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उन्हें भी मुठभेड़ के दौरान फायरिंग में गोली लगी है।