धार्मिक एवं सामाजिक कार्य करने वाले अपनी संस्कृति के योद्धा हैं : गणेश केसरवानी
प्रयागराज में दधिकांदो मेला कमेटी के सातवें सम्मान समारोह में महापौर ने कहा—तीज-त्योहार और मेले सामाजिक एकता व सांस्कृतिक विरासत का मजबूत आधार
प्रयागराज, 05 नवंबर। धार्मिक एवं सामाजिक कार्य करने वाले लोग अपनी संस्कृति के योद्धा हैं। वे पूर्वजों से मिली सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ ही उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। हमारे तीज-त्योहार और मेले समाज को एकजुट करते हैं और सामूहिक एकता का संदेश देते हैं। इस विरासत को बचाना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। यह बातें गुरुवार श्री प्राचीन श्री दधिकांदो मेला कमेटी, कृष्णानगर, त्रिवेणी मार्ग, कीडगंज की ओर से बैरहना स्थित परिणय गेस्ट हाउस में आयोजित सातवें सम्मान समारोह को महापौर गणेश केसरवानी ने कहीं।
महापौर ने कहा कि मेले और धार्मिक आयोजन केवल उत्सव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये हमारी परंपराओं, संस्कारों और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और पूर्वजों की विरासत से जुड़ती है। इसलिए इन परंपराओं को जीवित रखने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर महापौर ने दधिकांदो मेला को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में योगदान देने वाली रोशनी कमेटी, चौकी कमेटी और मेला कमेटी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को अंगवस्त्र पहनाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के संयोजक मनीष केसरवानी रहे, जबकि संचालन राजेश केसरवानी ने किया। समारोह में पार्षद मुकेश कसेरा, पार्षद रुद्रसेन जायसवाल, अजय जायसवाल, अमरेश जायसवाल, वेद प्रकाश, रमन सिंह, शिव नारायण, गोपी केसरवानी, परमानंद साहू, टीएन दीक्षित, राबिन साहू, रूपेश और बबलू कुशवाहा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।