मुख्यमंत्री योगी ने काशी में सफाईकर्मियों को सम्मानित कर दलितों को रिझाया, चुनाव में दिखेगा असर

-विपक्षी दलों के सामने खींची लकीर,चुनावी रण में सपा को ललकारा,बसपा और कांग्रेस को नही दिया भाव

मुख्यमंत्री योगी ने काशी में सफाईकर्मियों को सम्मानित कर दलितों को रिझाया, चुनाव में दिखेगा असर

वाराणसी, 15 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को काशी में स्वच्छता मित्रों को सम्मानित कर सामाजिक और राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। पिपलानी कटरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नगर निगम और जलकल के 600 से अधिक सफाईकर्मियों का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने सफाईकर्मियों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया, उन्हें आवश्यक किट वितरित की और स्वयं भोजन परोसकर उनके प्रति सम्मान जताया। राजनीतिक दृष्टि से इस कार्यक्रम को पूर्वांचल में दलित मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संबोधन भी राजनीतिक संदेशों से भरा रहा। उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए कहा कि जब लोग सो रहे होते हैं, तब सफाई मित्र सड़कों पर उतरकर शहर को स्वच्छ बनाने में जुटे रहते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो दोपहर 12 बजे सोकर उठते हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान को अखिलेश यादव पर परोक्ष हमले के रूप में देखा गया। उनके संबोधन से यह संकेत भी मिला कि प्रदेश की सियासत में भाजपा के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी के रूप में समाजवादी पार्टी पर उनका खास फोकस है। वहीं, कार्यक्रम के दौरान बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस को लेकर उन्होंने कोई प्रमुख राजनीतिक टिप्पणी नहीं की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सफाईकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता मित्र समाज और व्यवस्था की नींव के पत्थर हैं। उनका सम्मान करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके योगदान को सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मंच पर 11 सफाईकर्मियों को अपने हाथों से सम्मानित किया। इसके बाद उन्होंने मौजूद सफाईकर्मियों को स्वयं भोजन परोसा। मुख्यमंत्री ने महिला और पुरुष सफाईकर्मियों से उनकी पसंद पूछकर भोजन दिया। इस आत्मीय व्यवहार से कार्यक्रम में मौजूद सफाईकर्मी उत्साहित नजर आए।

सम्मान पाकर सफाईकर्मियों के चेहरे खिले

मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होने वाले सफाईकर्मियों में खासा उत्साह देखने को मिला। सम्मानित सफाईकर्मी वसीम ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत और सम्मान किया जाना उनके लिए गर्व और खुशी का क्षण है। उन्होंने मुख्यमंत्री के संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि सफाईकर्मियों के काम और उनके योगदान को लेकर कही गई बातें सही हैं।

वसीम ने बताया कि पहले की तुलना में अब व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। पहले वेतन से कटौती होने या समय पर भुगतान नहीं मिलने जैसी समस्याएं सामने आती थीं, लेकिन अब पूरा वेतन बिना कटौती के समय पर सीधे खाते में मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं उनका पुष्पवर्षा कर स्वागत करेंगे और उन्हें भोजन परोसेंगे। वसीम के मुताबिक, मुख्यमंत्री से मिला सम्मान उनके साथियों के लिए भी गर्व की बात है। व्यवस्था में सुधार और काम के प्रति सम्मान मिलने से सफाईकर्मियों में खुशी का माहौल है।

चुनाव से पहले सामाजिक समीकरण साधने की कवायद

विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सफाईकर्मियों के सम्मान, उनके साथ आत्मीय संवाद और भोजन परोसने के जरिए सरकार ने स्वच्छता कार्यों में लगे कर्मचारियों के योगदान को रेखांकित किया। वहीं, अखिलेश यादव पर परोक्ष निशाना साधकर मुख्यमंत्री ने विपक्ष के साथ राजनीतिक मुकाबले का संदेश भी दिया।

काशी से दिया गया यह संदेश पूर्वांचल की राजनीति में सामाजिक समीकरणों को साधने की भाजपा की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, इस कार्यक्रम का दलित मतदाताओं पर कितना प्रभाव पड़ेगा, यह आगामी राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी नतीजों से ही स्पष्ट होगा।