महाशिवरात्रि पर शिवखोड़ी धाम में विशेष पूजा-अर्चना और तीन दिवसीय मेला शुरू

महाशिवरात्रि पर शिवखोड़ी धाम में विशेष पूजा-अर्चना और तीन दिवसीय मेला शुरू

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रियासी जिले स्थित प्राचीन शिवखोड़ी धाम में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र गुफा में भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। तड़के सुबह से ही भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

इस अवसर पर भाजपा के जम्मू-कश्मीर के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र रैना भी शिवखोड़ी धाम पहुंचे और पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। तीन दिनों तक चलने वाले इस भव्य मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

शिवखोड़ी धाम एक प्राचीन प्राकृतिक गुफा मंदिर है, जिसकी लंबाई लगभग 150–200 मीटर है। गुफा के अंत में स्थापित शिवलिंग पर निरंतर जल टपकता रहता है, जिसे श्रद्धालु पवित्र गंगाजल मानते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार यह गुफा भस्मासुर की कथा से जुड़ी है। कहा जाता है कि जब भस्मासुर ने भगवान शिव को भस्म करने का प्रयास किया, तो शिव इस गुफा में छिप गए, और बाद में भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर भस्मासुर का अंत किया।

स्थानीय लोककथाओं के अनुसार इस गुफा की खोज कई वर्ष पूर्व एक गड़रिया ने की थी, जिसके बाद यह स्थान एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्ध हुआ। आज शिवखोड़ी धाम उत्तर भारत के महत्वपूर्ण शिव तीर्थों में गिना जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय मेला क्षेत्र की आस्था और धार्मिक परंपरा का प्रतीक है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

भक्ति, श्रद्धा और विश्वास का यह संगम शिवखोड़ी धाम को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर के रूप में स्थापित करता है, जहाँ हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर पुण्य अर्जित करते हैं।