उत्तर प्रदेश के बनाएंगे कैंसर मुक्त प्रदेश : ब्रजेश पाठक
मानक पूरे नहीं तो हटवाएं ट्रॉमा सेंटरों के बोर्ड
लखनऊ, 15 मई। अपने राज्य को हमें कैंसर मुक्त बनाना है। स्वस्थ नागरिकों से ही सशक्त प्रदेश और विकसित राष्ट्र की नींव स्थापित होती है। कैंसर एवं अन्य बीमारियों को हम सब मिल कर हराएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। यह कहना है प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का। वह शुक्रवार को विधानसभा स्थित सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य कैंसर मिशन, उत्तर प्रदेश सर्जिकल सर्विसेज सशक्तिकरण मिशन एवं उत्तर प्रदेश ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क को और अधिक सशक्त बनाने हेतु प्रस्तुतीकरण बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में सभी 75 जिलों में 100 शैय्या युक्त कैंसर अस्पताल स्थापित करने एवं सरकार द्वारा मरीजों की शुरुआती स्तर पर ही बीमारी की पहचान के लिए भी व्यापक स्तर पर अभियान चलाए जाने संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यापक चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को कैंसर मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में हम सभी को संयुक्त रूप से कार्य करना होगा। उत्तर प्रदेश सर्जिकल सर्विसेज सशक्तिकरण मिशन को लेकर भी प्रिजेंटेशन दिया गया। इसमें भी आगामी वर्षों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई। इसमें मैन पावर से लेकर खर्चे का ब्यौरा भी प्रस्तुत हुआ। उप मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल के क्षेत्र में सर्जिकल सर्विसेज बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। मरीजों के लिए यह योजना काफी कारगर सिद्ध होगी। डिप्टी सीएम ने बताया कि प्रस्तुतिकरण बैठक में उत्तर प्रदेश ट्रॉमा इमरजेंसी नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर भी प्रिजेंटेशन दिया गया। इसमें नेटवर्क को किस तरह से अधिक सशक्त बनाया जा सकता है, इस पर विस्तृत प्लान प्रस्तुत किया गया।
मानक पूरे नहीं तो हटवाएं ट्रॉमा सेंटरों के बोर्ड
ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में जो प्राइवेट अस्पताल ट्रॉमा के मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं और अपने अस्पतालों के बाहर ट्रॉमा सेंटर का बोर्ड लगाए हुए हैं, उन्हें नोटिस देकर नगर निगमों के माध्यम से बोर्ड हटवाए जाएं। साथ ही सरकारी अस्पतालों के आसपास भी प्राइवेट अस्पतालों के मरीजों और उनके तीमारदारों को संबोधित करते हुए बोर्ड हटाए जाएं। उप मुख्यमंत्री ने सरकारी एंबुलेंस सेवाएं 108 एवं 102 को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं चिकित्सकगण उपस्थित रहे।