कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक की 5.25 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज

कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक की 5.25 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज

कोडीन कफ सिरप तस्करी मामले में अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक की 5.25 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज

कानपुर, 12 फरवरी। कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के आरोपित अग्रवाल ब्रदर्स के मालिक विनोद अग्रवाल की संपत्तियों को फ्रीज करने के लिए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस कानपुर पहुंची। विनोद अग्रवाल की सिविल लाइंस, बिरहाना रोड, जाजमऊ और देहली सुजानपुर स्थित पांच संपत्तियों को फ्रीज किया गया है। इन सभी संपत्तियों की अनुमानित कीमत पांच करोड़ 25 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा एक बैंक खाते को भी फ्रीज किया गया है।

वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस के एसीपी सारनाथ विदुश सक्सेना ने गुरुवार को बताया कि कोडीन तस्करी को लेकर मुकदमे लिखे जा रहे हैं। ऐसा ही एक मुकदमा वाराणसी केदारनाथ में दर्ज किया गया था, जिसमें ड्रग इंस्पेक्टर की कार्रवाई में सामने आया कि कुछ फर्जी फर्म—एमके हेल्थ केयर प्रयागराज व डीपी फार्मा सारनाथ—द्वारा कोडीन युक्त कफ सिरप की बड़े पैमाने पर तस्करी की जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कानपुर के बिरहाना रोड स्थित अग्रवाल ब्रदर्स द्वारा भी दोनों फर्मों पर कोडीन युक्त सिरप की फर्जी बिलिंग कराई गई है।

जब पूरे मामले की गहन जांच की गई तो यह सामने आया कि दोनों फर्मों में से एक भी सिरप नहीं आया था, बल्कि तस्करी का पैसा पीडी फार्मा व एमके हेल्थ केयर के जरिए वापस आकर अग्रवाल ब्रदर्स के बैंक खाते में पहुंच गया, जो रकम करोड़ों में है।

उन्होंने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत अपराध से अर्जित धन से बनाई गई संपत्ति को फ्रीज किया गया है। इसके तहत देहली सुजानपुर, सिविल लाइंस स्थित गोपाला विहार में दो प्लाट, बिरहाना रोड और जाजमऊ की संपत्तियों को फ्रीज किया गया है। इन संपत्तियों में बिरहाना रोड स्थित संपत्ति लगभग 37 लाख रुपये की है, जो सविता अग्रवाल के नाम पर है, और देहली सुजानपुर की संपत्ति शिवम अग्रवाल के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसके अलावा तीन अन्य संपत्तियां विनोद अग्रवाल के नाम पर हैं। इन सभी की अनुमानित कीमत 5 करोड़ 25 लाख रुपये है।

आगे उन्होंने बताया कि कलक्टरगंज के अलावा सारनाथ, वाराणसी में भी एक मुकदमा दर्ज है, जिसमें विनोद अग्रवाल सुपर स्टॉकिस्ट हैं, जो एस्केप सिरप कंपनी से लेते थे और बाद में फर्जी बिलिंग के जरिए अन्य राज्यों में भेज देते थे। पूरे मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी सामने आया है।

गौरतलब है कि नवंबर 2025 में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि आयुक्त रोशन जैकब लखनऊ से आकर बिरहाना रोड स्थित अग्रवाल ब्रदर्स में छापेमारी करने पहुंची थीं। तब मालिक विनोद अग्रवाल मौके से फरार हो गया था। इसके खिलाफ कलक्टरगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। आखिरकार पुलिस ने 25 जनवरी 2026 को आरोपित विनोद अग्रवाल को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया था। वर्तमान में उससे पूछताछ जारी है।