सहकार से समृद्धि : एम-पैक्स से 54 लाख किसान बने आत्मनिर्भर
- जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक नए खाते खोले गए, 550 करोड़ की राशि खातों में जमा हुई
लखनऊ, 17 फरवरी । प्रदेश में सहकारिता आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार के एम-पैक्स सदस्यता महा अभियान का व्यापक परिणाम दिख रहा है। अभियान के जरिए अब तक करीब 54 लाख किसान सहकारी ढांचे से जुड़कर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़े हैं। योगी सरकार का फोकस बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि सहकारी समिति (एम-पैक्स) से लोगों को जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती वित्तीय और कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि योगी सरकार ने चलाए गए विशेष अभियान के तहत किसानों को कम ब्याज दरों पर फसली ऋण, उन्नत गुणवत्ता के बीज और उर्वरक उपलब्ध कराए गए। इससे खेती की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से जिला सहकारी बैंकों में दो लाख से अधिक नए खाते खोले गए हैं। इन खातों में अब तक लगभग 550 करोड़ रुपये की राशि जमा कराई जा चुकी है। वहीं, सदस्यों की भागीदारी से 110 करोड़ रुपये की अंश पूंजी जुटाई गई जिसके आधार पर कुल 660 करोड़ रुपये की धनराशि सहकारी तंत्र में प्रवाहित हुई। इससे गांवों में ऋण प्रवाह बढ़ा है और छोटे किसानों को सहूलियतें आसान हुई हैं।
प्रदेश सरकार ने सहकारी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए सदस्यता प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल किया है। अब एम-पैक्स से जुड़ने के लिए डिजिटल पोर्टल और मोबाइल आधारित पंजीकरण की सुविधा लागू कर दी गई है। इससे ग्रामीणों को घर के पास ही पंजीकरण और अन्य सेवाएं मिल रहीं हैं। देश में पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एम-पैक्स का सदस्यता महाअभियान शुरू किया। यह सदस्यता महाअभियान दो चरणों में चलाया गया। पहले चरण की शुरुआत सितंबर 2023 में की गई, जिसमें बड़े पैमाने पर नए सदस्य जुड़े। दूसरे चरण का शुभारंभ सितंबर 2025 में किया गया, जिसमें अभियान को और गति मिली।
सहकारी समितियों को मजबूत करना योगी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। एम-पैक्स पर डिजिटल भुगतान प्रणाली क्यूआर कोड के जरिए शुरू की गई है। क्यूआर कोड और यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरु हो जाने से कैशलेस एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू हुई है। इससे उर्वरक वितरण में पारदर्शी एवं सुविधाजनक तरीके से वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि सहकार से समृद्धि का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सके।