परिषदीय विद्यालय के परिसरों में स्थानांतरित होंगे 15,613 आंगनबाड़ी केंद्र

परिषदीय विद्यालय के परिसरों में स्थानांतरित होंगे 15,613 आंगनबाड़ी केंद्र

परिषदीय विद्यालय के परिसरों में स्थानांतरित होंगे 15,613 आंगनबाड़ी केंद्र

लखनऊ, 05 अगस्त । ऐसे आंगनबाड़ी केंद्र जो परिषदीय विद्यालयों से 200 मीटर की परिधि में स्थित होने के बावजूद वर्तमान में गैर-विभागीय भवनों में संचालित हो रहे हैं। प्रदेश के ऐसे 15,613 आंगनबाड़ी केंद्रों को उत्तर प्रदेश सरकार 15 अगस्त तक परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करेगी।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बुधवार काे जारी बयान में बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करने से छोटे बच्चों को बचपन से ही गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण, गतिविधि आधारित अधिगम और विद्यालय की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे बाल वाटिका से कक्षा-एक तक सीखने की प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ होगी। प्रत्येक बच्चे को विद्यालय में प्रवेश से पहले सीखने के लिए पूरी तरह तैयार करना हमारा लक्ष्य है।

प्रदेश में 1,89,208 आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जिनमें से 1,64,480 केंद्र पहले ही परिषदीय विद्यालय परिसरों से एकीकृत किए जा चुके हैं। स्थानांतरण केवल उन्हीं विद्यालयों में किया जाएगा, जहां आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन के लिए बच्चों के लिए सुरक्षित एवं निर्धारित कक्षा-कक्ष, बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। इस संबंध में महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी तथा निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर ने दिशानिर्देश जारी किए हैं।



निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित परिषदीय विद्यालयों में तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय, खेलने का पर्याप्त स्थान तथा अन्य आवश्यक भौतिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इससे बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और गतिविधि आधारित शिक्षण वातावरण मिलेगा। साथ ही बाल वाटिका से कक्षा-एक तक सीखने की निरंतरता मजबूत होगी और स्कूल रेडीनेस को नई मजबूती मिलेगी। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।