सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन में गिरफ्तार 17 लोगों को मिली जमानत, पत्रकार और यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल
पटियाला हाउस कोर्ट ने 15-15 हजार रुपये के मुचलके पर रिहाई का आदेश दिया; पुलिस हिरासत में मारपीट के आरोपों पर डीसीपी से रिपोर्ट तलब।
नई दिल्ली, 06 अक्टूबर पटियाला हाउस कोर्ट ने वोट चोरी के मामले पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों और प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं कुल 17 लोगों को जमानत दे दी। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) अनिमेष कुमार ने 5 अक्टूबर की रात जमानत देने का आदेश दिया।
कोर्ट ने सभी को 15-15 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत देते हुए रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना हर व्यक्ति का अधिकार है लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को घायल करना चिंताजनक बात है। दिल्ली पुलिस ने इन पत्रकारों और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया था। दिल्ली पुलिस ने इनकी दो हफ्ते की हिरासत की मांगकी। वकील सैमन फारूकी ने इसका विरोध किया।
उन्होंने कहा कि लगभग 50 लोग प्रदर्शन कर रहे थे। उनमें से केवल 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया। घटना से संबंधित कोई सीसीटीवी फुटेज भी पेश नहीं किया गया। फारुकी ने कहा कि आरोपित युवा हैं और अपने लोकतांत्रिक अधिकार के तहत असहमति और विरोध दर्ज करा रहे थे। उन्होंने कहा कि कई आरोपितों को चोटें आई थीं, लेकिन घटना के तुरंत बाद न तो उनका मेडिकल नहीं कराया गया और न ही उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
अदालत में पेशी के दौरान दो आरोपितों ने पुलिस थाने में हिरासत के दौरान मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया। उसके बाद कोर्ट ने संबंधित जिले के डीसीपी से रिपोर्ट तलब की और संसद मार्ग थाने के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित रखने का निर्देश दिया।