श्रावण के दूसरे सोमवार को शिवमय हुई संगमनगरी, शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब
मनकामेश्वर, सोमेश्वर, नागवासुकी, कोटेश्वर और पड़िला महादेव मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की कतार; कांवड़ मार्गों और प्रमुख मंदिरों पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा
प्रयागराज, 10 अगस्त ।श्रावण मास के दूसरे सोमवार को विश्व प्रसिद्ध संगमनगरी पूरी तरह शिवमय नजर आई। भोर होते ही गंगा-यमुना के संगम क्षेत्र से लेकर शहर और ग्रामीण अंचलों तक स्थित प्राचीन शिवालयों में श्रद्धालुओं की कतार लग गई। हर ओर ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ के जयघोष सुनाई दिए। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और दूध अर्पित किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।
संगमनगरी के प्रमुख शिवधामों में श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर, सोमेश्वर महादेव मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, नागवासुकी मंदिर, दशाश्वमेध महादेव मंदिर, तक्षक तीर्थ मंदिर, पड़िला महादेव मंदिर, भारद्वाजेश्वर महादेव मंदिर सहित शहर के विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों में विशेष पूजन-अर्चन और रुद्राभिषेक का क्रम चलत रहा है।
मनकामेश्वर में उमड़ी श्रद्धा
यमुना तट के निकट स्थित प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर में दूसरे सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव का दर्शन कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। सावन में मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थित दर्शन के लिए विशेष प्रबंध किया है।
गंगा तट के शिवधामों में विशेष आस्था
दारागंज क्षेत्र स्थित नागवासुकी और तक्षक तीर्थ में भी श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। गंगा तट से जुड़े इन प्राचीन धार्मिक स्थलों पर सावन सोमवार का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं गंगा तट के निकट स्थित कोटेश्वर महादेव में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए भक्त पहुंचे। मान्यता है कि इस प्राचीन शिवधाम का संबंध भगवान श्रीराम से है।
नैनी के सोमेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ रही। भक्तों ने भगवान शिव का अभिषेक कर विधि-विधान से पूजा की। शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पड़िला महादेव समेत अन्य प्राचीन शिवालयों में भी आस्था का वातावरण रहा। प्रयागराज में सावन के दूसरे सोमवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतार लगी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता इंतजाम किया गया है।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
पुलिस उपायुक्त नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था पर विशेष पुलिस बल, तैनात किया गए हैं। प्रमुख मंदिरों, घाटों और कांवड़ मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी तथा ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है।
श्रावण मास की शुरुआत से पहले प्रयागराज पुलिस ने कांवड़ यात्रा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की थी। प्रमुख मार्गों और घाटों पर लगातार गश्त, निगरानी, त्वरित कार्रवाई दल तथा यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
मंदिरों के आसपास यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार मार्गों पर नियंत्रण और डायवर्जन की व्यवस्था की गई। पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराने और दर्शन के बाद सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे रहे।
शिव आराधना में डूबी संगमनगरी
श्रावण के दूसरे सोमवार को प्रयागराज के प्राचीन शिवालयों में उमड़ी भीड़ ने संगमनगरी की सनातन धार्मिक परंपरा की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।
गंगा-यमुना के तट पर बसे इस पावन नगर में सुबह से शुरू हुई शिवभक्ति की गूंज
सुनाई दे रही है। श्रद्धालुओं ने आस्था और श्रद्धा के साथ भगवान भोलेनाथ का पूजन किया और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ भक्त अपनी मनोकामनाएं अर्पित कर रहे हैं।