प्रयागराज में प्रोस्टेट कैंसर के आधुनिक इलाज पर कार्यशाला, विशेषज्ञ साझा करेंगे नई तकनीकें

20 सितंबर को एमएलएन मेडिकल कॉलेज में सीपीएमई एवं सेमी-लाइव ऑपरेटिव कार्यशाला; एसआरएन अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण सुविधा और एमसीएच यूरोलॉजी पाठ्यक्रम की भी जानकारी।

प्रयागराज में प्रोस्टेट कैंसर के आधुनिक इलाज पर कार्यशाला, विशेषज्ञ साझा करेंगे नई तकनीकें

प्रयागराज, 19 सितंबर । प्रोस्टेट कैंसर के आधुनिक निदान और उपचार की तकनीकों की जानकारी चिकित्सकों के साथ आमजन तक पहुंचाना जरूरी है। सही समय पर जांच से बीमारी की प्रकृति और अवस्था को समझने तथा उपचार की उचित दिशा तय करने में मदद मिलती है। यह बात मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. दिलीप चौरसिया ने शनिवार काे कही।



उन्होंने बताया कि प्रोस्टेट कैंसर पर आधुनिक उपचार और विशेषज्ञ सेवाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से 20 सितंबर को एमएलएन मेडिकल कॉलेज परिसर के प्रो. पीतम दास ऑडिटोरियम में सीपीएमई एवं सेमी-लाइव ऑपरेटिव कार्यशाला आयोजित की जा रही है।



उन्होंने बताया कि कार्यशाला में देश के प्रमुख कैंसर और यूरोलॉजी संस्थानों के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर, नई दिल्ली के मेडिकल डायरेक्टर एवं जोनोटो-यूरो ऑन्कोलॉजी सेवाओं के प्रमुख डॉ. सुधीर कुमार रावल प्रोस्टेट कैंसर की आधुनिक सर्जिकल तकनीकों पर अपना अनुभव साझा करेंगे। उनके सत्र में रेडियस-स्पेयरिंग तकनीक और विभिन्न रोबोटिक सर्जिकल प्रणालियों की तुलनात्मक चर्चा होगी।

प्रो. डॉ. दिलीप चौरसिया ने बताया कि प्रीविजन यूरोलॉजी सेंटर, लखनऊ के निदेशक प्रो डॉ. शशिकांत मिश्रा, जो मुलजीभाई पटेल यूरोलॉजिकल हॉस्पिटल, नडियाद से भी जुड़े हैं, लेप्रोस्कोपिक और रोबोटिक यूरोलॉजिकल सर्जरी के अपने अनुभव साझा करेंगे। अपोलो हॉस्पिटल्स, मुंबई से जुड़े यूरो-ऑन्कोलॉजिस्टडॉ. महेंद्र पाल प्रोस्टेट कैंसर की नवीनतम जांच और आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों पर व्याख्यान देंगे।

इसके अलावा किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से शैक्षणिक रूप से जुड़े डॉ. एचएस पाहवा प्रोस्टेट कैंसर के नवीन उपचार विकल्पों पर चर्चा करेंगे। वाराणसी के हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के विशेषज्ञ भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। यूरोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु पांडेय के साथ हार्मोन-सेंसिटिव प्रोस्टेट कैंसर और उसके चिकित्सकीय प्रबंधन पर चर्चा होगी। एमएलएन मेडिकल कॉलेज के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग से डॉ. देव कुमार यादव एवं डॉ. विवेक पांडेय प्रोस्टेट कैंसर में कीमोथेरेपी की भूमिका और चिकित्सा प्रबंधन पर अपने विचार रखेंगे।

समय पर जांच से उपचार की दिशा तय करने में मदद

प्रो. डॉ. दिलीप चौरसिया ने कहा कि प्रोस्टेट कैंसर में समय पर पहचान, उचित जांच और बीमारी की सही अवस्था का निर्धारण उपचार के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यशाला में लेप्रोस्कोपिक रेडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी, रोबोटिक-असिस्टेड रेडिकल प्रोस्टेटेक्टॉमी तथा रेडियस-स्पेयरिंग सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही रोबोटिक सर्जरी, रेडियोथेरेपी, हार्मोनल उपचार और अन्य उपचार विकल्पों पर भी विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे।

उन्होंने बताया कि प्रोस्टेट कैंसर का उपचार हर मरीज में एक जैसा नहीं होता। बीमारी की अवस्था, मरीज की स्थिति और अन्य चिकित्सकीय पहलुओं के आधार पर सर्जरी, रेडियोथेरेपी, हार्मोनल उपचार या इनके संयोजन का निर्णय लिया जा सकता है। विशेषज्ञों की मौजूदगी से चिकित्सकों को उपचार के विभिन्न विकल्पों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

एसआरएन अस्पताल में शुरू हुई किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा

कार्यशाला के साथ प्रयागराज में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में हो रहे प्रयासों की भी जानकारी दी गई। एमएलएन मेडिकल कॉलेज से जुड़े एसआरएन अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू की गई है। प्रो. डॉ. चौरसिया के अनुसार, यह सुविधा प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों के उन मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें किडनी की गंभीर बीमारी के कारण प्रत्यारोपण जैसी उन्नत चिकित्सा की आवश्यकता होती है। इससे मरीजों को उपचार के लिए दूसरे बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है।

एमसीएच यूरोलॉजी से बढ़ेगी विशेषज्ञ प्रशिक्षण की क्षमता

एमएलएन मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजी विभाग में एमसीएच यूरोलॉजी का पोस्ट-डॉक्टोरल सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम भी शुरू हो चुका है। इसमें दो सीटें हैं, जिन पर डॉ. आयुष गौरी और डॉ. कादिर बेग अध्ययनरत हैं। इस शुरुआत से प्रयागराज और पूर्वी उत्तर प्रदेश में उच्च स्तरीय यूरोलॉजिकल विशेषज्ञ तैयार करने के साथ सुपर-स्पेशियलिटी प्रशिक्षण को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

प्रो. डॉ. दिलीप चौरसिया ने कहा कि कार्यशाला केवल एक शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, विशेषज्ञ प्रशिक्षण, आधुनिक उपचार पद्धतियों के आदान-प्रदान और आमजन को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी देने का सामूहिक प्रयास है। इसका उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीन विकास की जानकारी चिकित्सकों तक पहुंचाने के साथ मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में सहयोग करना है। आयोजन के संरक्षक एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. एके वर्मा हैं। आयोजन अध्यक्ष प्रो. दिलीप चौरसिया, आयोजन सचिव डॉ. शशिक मिश्र और डॉ. दीपक गुप्ता हैं।