72 बैंक खातों में ₹5,600 करोड़ के लेनदेन का खुलासा, साइबर ठगी गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार

फर्जी फर्मों और बैंक खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी के आरोप में कानपुर पुलिस की कार्रवाई। 76 बोगस फर्मों और 86 साइबर अपराध शिकायतों का भी पता चला।

72 बैंक खातों में ₹5,600 करोड़ के लेनदेन का खुलासा, साइबर ठगी गिरोह के 2 सदस्य गिरफ्तार

कानपुर, 12 सितंबर। कानपुर नगर में फर्जी फर्मों और बैंक खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच में 72 बैंक खातों के जरिए करीब 5600 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर पैसठ लाख छब्बीस हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, चेकबुक, एटीएम कार्ड और फर्जी फर्मों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने शनिवार को बताया कि पकड़े गए आरोपित बेकनगंज निवासी शाहजेव वारिस और चमनगंज निवासी सलमान हैं। दोनों पर निवेश में अधिक मुनाफे का झांसा देकर लोगों से रकम फर्जी फर्मों के खातों में मंगाने और बाद में उसे अलग-अलग खातों व ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्म के जरिए घुमाने का आरोप है। पूछताछ में सामने आया कि रकम को कई खातों में ट्रांसफर करने के बाद बैंक शाखाओं से नकदी के रूप में निकाला जाता था।

जांच में कानपुर के 14 बैंकों में संचालित 72 खातों में करीब 5600 करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन सामने आया है। इनमें कई खातों में महज तीन से सात दिन के भीतर करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ। पुलिस को एक दिन में एक खाते से एक हजार से अधिक ट्रांजेक्शन किए जाने की जानकारी भी मिली है। इन खातों से जुड़े बैंक स्टेटमेंट की जांच में करीब 600 पेज का लेनदेन सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपितों से जुड़ी 76 बोगस फर्मों और 45 लोगों के नाम पर खोले गए 76 खातों की जानकारी मिली है। इनमें 16 बैंक खाते ऑनलाइन गेमिंग एप से जुड़े पाए गए, जिनमें करीब 1037 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। शाहजेव से जुड़ी 11 फर्मों में दो साल के दौरान करीब 170 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला है। सलमान की दो फर्मों में भी ऑनलाइन गेमिंग के जरिए करीब 16 करोड़ रुपये आने की जानकारी सामने आई है।

शाहजेव की निशानदेही पर जाजमऊ स्थित फूड एग्रो का काम करने वाली एक फर्म में छापेमारी की गई, जहां से 65.26 लाख रुपये नकद मिले। रकम से संबंधित पर्याप्त लेखा-जोखा नहीं मिलने पर पुलिस ने उसे जब्त कर ट्रेजरी में जमा कराया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपितों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर 86 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं। इनमें दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, झारखंड, उत्तराखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और हरियाणा समेत कई राज्यों की शिकायतें शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, शाहजेव के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया था। वह दुबई चला गया था और बाद में हैदराबाद पहुंचा, जहां उसे पुलिस ने पकड़ लिया। साइबर क्राइम टीम ने उसे हैदराबाद कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया। जांच में दोनों के दुबई, तुर्की, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान जाने की जानकारी भी मिली है।

पूछताछ में गिरोह से जुड़े इखलाख हुसैन, इतिशाम हुसैन, मो. मुजम्मिल, शाहवेज इलाही और मो. आरिफ समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इनके संबंध में साक्ष्य जुटा रही है। कुछ आरोपितों की लोकेशन लखनऊ, मुंबई और नेपाल में मिलने की जानकारी पुलिस को मिली है।

पुलिस के अनुसार, मामले में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई है। बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल सामग्री की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। बैंक खातों, फर्जी फर्मों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी है।यही वह नॉन-कॉपी-पेस्ट क्राइम फॉर्मेट है। मुख्य घटना पहले, फिर पुलिस अधिकारी का बयान, उसके बाद रकम/खातों की जांच, बरामदगी और बाकी आरोपितों की जानकारी।------