राष्ट्रीय लोक अदालत में 59,218 मामलों का निस्तारण, ₹22.57 करोड़ की समझौता राशि तय; 121 पीड़ितों को ₹8.03 करोड़ मुआवजा
जौनपुर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का बड़े स्तर पर निस्तारण हुआ। बैंक, बिजली, पारिवारिक और मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति समेत कई मामलों में समझौते कराए गए।
जौनपुर,12 सितंबर। जौनपुर जिले में शनिवार को न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशील कुमार शशि की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में कुल 59,218 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 22 करोड़ 57 लाख 60 हजार 855 रुपये की समझौता राशि तय की गई।
लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों और संबंधित विभागों को अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए प्रोत्साहित किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रणजीत कुमार तथा सिविल जज सुशील कुमार सिंह की देखरेख में लोक अदालत का संचालन हुआ।
निस्तारित मामलों में विभिन्न न्यायालयों के लंबित 7,447 वाद तथा राजस्व न्यायालयों एवं अन्य विभागों के 51,771 प्री-लिटिगेशन वाद शामिल रहे। पारिवारिक न्यायालयों में 70 मुकदमों का निस्तारण हुआ, जिसमें एक महिला को 38.10 लाख रुपये की समझौता राशि दिलाई गई।
पीठासीन अधिकारी एमएसीटी मनोज कुमार अग्रवाल के समक्ष क्षतिपूर्ति के 135 मुकदमे प्रस्तुत किए गए, जिनमें 121 मामलों का निस्तारण कर 8 करोड़ 3 लाख 16 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति याचियों को दिलाई गई। स्थायी लोक अदालत ने 12 मामलों का निस्तारण करते हुए 54 लाख 52 हजार 544 रुपये की समझौता राशि तय की। अपर जिला जज चतुर्थ के न्यायालय में बिजली वसूली से संबंधित 619 वाद निस्तारित किए गए।
विभिन्न न्यायालयों ने 5,138 शमनीय फौजदारी वादों का निस्तारण कर 5.79 लाख रुपये अर्थदंड लगाया। राजस्व न्यायालयों में फौजदारी के 2,376, राजस्व के 735 तथा अन्य 47,442 वादों का निस्तारण हुआ। बैंक, वित्तीय कंपनियों और बीएसएनएल से संबंधित 1,135 प्री-लिटिगेशन मामलों में 13.32 करोड़ रुपये का समझौता हुआ।
इस अवसर पर दिव्यांगजन विभाग की ओर से ट्राई साइकिल वितरित की गईं। उद्योग विभाग ने लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया, जबकि श्रम विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों को क्षतिपूर्ति के चेक प्रदान किए गए।---------------