इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में रिसर्च जॉब का मौका, JRA भर्ती की आवेदन तारीख 5 अक्टूबर तक बढ़ी
एआई आधारित एफईटी मृदा सेंसर और प्रिसिजन फार्मिंग परियोजना में जूनियर रिसर्च असिस्टेंट पद के लिए अब 5 अक्टूबर 2026 तक आवेदन किया जा सकेगा।
प्रयागराज, 26 सितंबर ।इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश (सीएसटी-यूपी) के सहयोग से संचालित शोध परियोजना में जूनियर रिसर्च असिस्टेंट पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी पांच अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने इस संबंध में 25 सितंबर को संशोधित सूचना जारी की है।
यह जानकारी शनिवार को विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. अमित शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि यह नियुक्ति विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग के प्रधान अन्वेषक डॉ. निलेश आनंद श्रीवास्तव के निर्देशन में संचालित परियोजना के लिए की जानी है। परियोजना का विषय ‘मॉडलिंग एंड इंप्लीमेंटेशन ऑफ एन एआई-असिस्टेड एफईटी-बेस्ड सॉयल सेंसर फॉर प्रिसिजन फार्मिंग’ है। यह परियोजना सीएसटी-यूपी, लखनऊ की अनुसंधान एवं विकास योजना के तहत वित्त पोषित है।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. अमित शर्मा ने बताया कि शोध परियोजना से जुड़े जूनियर रिसर्च असिस्टेंट पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर पांच अक्टूबर कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन और पात्रता संबंधी शर्तों को ध्यानपूर्वक देख लें।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एफईटी सेंसर के माध्यम से मिट्टी से संबंधित आंकड़ों के अध्ययन और सटीक कृषि में उसके उपयोग की दिशा में शोध करना है। परियोजना के लिए चयनित अभ्यर्थी को निर्धारित शर्तों के अनुसार शोध कार्य में सहयोग करना होगा।
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार, इच्छुक अभ्यर्थी इलाहाबाद विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध विस्तृत विज्ञापन और आवेदन प्रपत्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय की भर्ती संबंधी वेबसाइट पर भी इस पद की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने की सूचना उपलब्ध है।
आवेदन की अंतिम तिथि : पांच अक्टूबर 2026
परियोजना : एआई आधारित एफईटी मृदा सेंसर एवं सटीक कृषि
प्रधान अन्वेषक : डॉ. निलेश आनंद श्रीवास्तव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग है।