तमिलनाडुः पहले ही चुनाव में टीवीके को 34.92 प्रतिशत वोट, डीएमके और एआईएडीएमके की झोली में कितना

तमिलनाडुः पहले ही चुनाव में टीवीके को 34.92 प्रतिशत वोट, डीएमके और एआईएडीएमके की झोली में कितना

तमिलनाडुः पहले ही चुनाव में टीवीके को 34.92 प्रतिशत वोट, डीएमके और एआईएडीएमके की झोली में कितना

चेन्नई, 05 मई । भले पूर्ण बहुमत नहीं मिला हो लेकिन कुछ दलों के समर्थन के कारण टीवीके अध्यक्ष विजय मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।

भारतीय राजनीति में किसी नई पार्टी के गठन के बाद बहुत कम समय में जनता का भारी समर्थन प्राप्त कर सत्ता हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। इसी प्रकार एमजीआर., एनटीआर और अरविंद केजरीवाल के बाद अब विजय ने भी यह उपलब्धि हासिल की है।

डीएमके से अलग होकर 1972 में एआईएडीएमके की स्थापना करने वाले एमजीआर ने 1977 में अपना पहला आम चुनाव लड़ा। उस चुनाव में एआईएडीएमके ने 155 सीटों पर चुनाव लड़कर 130 सीटों पर जीत हासिल की और पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। पार्टी को कुल 30.36 प्रतिशत वोट मिले थे।

आंध्र प्रदेश की राजनीति में 1983 में हुआ बदलाव पूरे भारत को चौंका देने वाला था। पार्टी गठन के केवल 9 महीनों के भीतर एनटीआर ने सत्ता हासिल कर ली। उनकी तेलुगु देशम पार्टी ने 289 सीटों पर चुनाव लड़कर 201 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की। पार्टी को कुल 46.30 प्रतिशत वोट मिले और उसने कांग्रेस के गढ़ को ध्वस्त कर दिया।

भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के परिणामस्वरूप 2012 में गठित आम आदमी पार्टी ने 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में पहली बार चुनाव मैदान में कदम रखा। पार्टी ने 70 सीटों पर चुनाव लड़कर 28 सीटें जीतीं और कुल 29.49 प्रतिशत वोट हासिल किए। हालांकि पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला लेकिन कांग्रेस के बाहरी समर्थन से अरविंद केजरीवाल पहली ही चुनाव में मुख्यमंत्री बने।

अब इस सूची में चौथे स्थान पर टीवीके अध्यक्ष विजय शामिल हो गए हैं। 2024 में पार्टी की स्थापना करने वाले विजय ने मात्र 2 वर्षों में अपने पहले विधानसभा चुनाव में ही 233 सीटों पर अकेले चुनाव लड़कर 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके साथ ही टीवीके राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

पेरंबूर में 53,715 वोटों के अंतर से और तिरुची ईस्ट में 27,416 वोटों के अंतर से टीवीके अध्यक्ष विजय ने जीत हासिल की है।

तमिलनाडु में 233 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने वाली टीवीके ने 34.92 प्रतिशत वोटों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। डीएमके 24.19 प्रतिशत वोटों के साथ दूसरे स्थान पर और एआईएडीएमके 21.21 प्रतिशत वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही।

हालांकि टीवीके को पूर्ण बहुमत नहीं मिला लेकिन कुछ दलों के समर्थन के कारण विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।