हाईकोर्ट बार चुनाव: आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर मतदान से ठीक पहले तक कड़ी कार्रवाई
हाईकोर्ट बार चुनाव: आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर मतदान से ठीक पहले तक कड़ी कार्रवाई
संभव - देर रात तक चली नामांकन पत्रों की गहन पड़ताल
प्रयागराज, 09 जुलाई (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आगामी प्रतिष्ठित चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में, चुनाव समिति ने सभी प्रत्याशियों को आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने के लिए अंतिम चेतावनी जारी की है। समिति ने स्पष्ट किया है कि मतदान संपन्न होने से ठीक पहले तक आदर्श आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन पर तत्काल और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की चुनाव समिति ने विशेष तौर पर प्रत्याशियों को सूचित किया है कि वे हाईकोर्ट परिसर की गरिमा बनाए रखने हेतु किसी भी प्रकार के पम्पलेट, हैंडबिल या अन्य प्रचार सामग्री का वितरण न करें। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि चुनाव समिति ने स्वयं एक वैकल्पिक और आधुनिक प्रचार माध्यम उपलब्ध कराया है। समिति हाईकोर्ट के प्रमुख गलियारों (कॉरिडोर) में अत्याधुनिक टीवी स्क्रीन स्थापित कर रही है, जिन पर सभी प्रत्याशियों की व्यक्तिगत जानकारी, फोटो तथा संक्षिप्त परिचय लगातार प्रदर्शित किया जाएगा। यह व्यवस्था न केवल परिसर की स्वच्छता और शांति बनाए रखेगी, बल्कि सभी प्रत्याशियों को प्रचार का समान और निष्पक्ष अवसर भी प्रदान करेगी।
इसी बीच, चुनाव प्रक्रिया के एक महत्वपूर्ण चरण के रूप में, विभिन्न पदों के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की गहन जांच का कार्य देर रात तक जारी रहा। इस दौरान प्रत्याशियों की पात्रता, आवश्यक दस्तावेजों की पूर्णता और अन्य वैधानिक आवश्यकताओं की बारीकी से पड़ताल की गई, ताकि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य चुनाव अधिकारी आर. के. ओझा और चुनाव अधिकारी अनिल भूषण, वशिष्ठ तिवारी तथा महेंद्र बहादुर सिंह ने संयुक्त रूप से एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि आदर्श आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और यह 'कार्रवाई की तलवार' चुनाव प्रक्रिया के अंतिम क्षण तक, यानी मतदान संपन्न होने के बाद भी, यदि उल्लंघन पहले हुआ हो, लटकती रहेगी। उन्होंने सभी प्रत्याशियों से पुरजोर अपील की है कि वे आदर्श आचार संहिता का अक्षरशः पालन करें और किसी भी ऐसे कार्य से बचें जिससे नियमों का उल्लंघन हो। चेतावनी दी गई कि यदि किसी भी प्रत्याशी द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके नामांकन को तत्काल निरस्त करने जैसी गंभीर कार्रवाई की जा सकती है, जिससे उसकी उम्मीदवारी रद्द होने के साथ-साथ भविष्य में चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लग सकता है।