हाईकोर्ट बार की अधिवक्ता निधि बहाल, योजना में होगा सुधार
हाईकोर्ट बार की अधिवक्ता निधि बहाल, योजना में होगा सुधार-आज से होगी लागू, डेढ़ माह से थी बंद
प्रयागराज, 09 जुलाई । हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की एल्डर कमेटी ने अधिवक्ता निधि बहाल करते हुए इसे गुरुवार से फिर से लागू करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के क्रम में फोटो एफिडेविट सेंटर पर पहले की तरह 600 रुपये जमा होंगे। इसमें 475 रुपये एफिडेविट कराने वाले अधिवक्ता के खाते में जाएंगे और शेष 125 रुपये अधिवक्ताओं के हित के खर्च के लिए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के खाते में जाएंगे।
एल्डर कमेटी ने यह निर्णय मेसर्स राजधानी इंटरस्टेट ट्रांसपोर्ट कंपनी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य और विशेष अपील हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद मार्फत एल्डर कमेटी के अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य केस के फैसले के आलोक में लिया है।
चुनाव अधिकारी अनिल भूषण और वशिष्ठ तिवारी ने बताया कि एल्डर कमेटी के चेयरमैन विजय बहादुर सिंह, सदस्य सीनियर एडवोकेट वीपी श्रीवास्तव व सीएल पांडेय ने बैठक कर लखनऊ खंडपीठ के समक्ष अपील पर तीन बार बहस के बाद सफलता हासिल करने के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी वरिष्ठ अधिवक्ता राधाकांत ओझा व चुनाव अधिकारी महेन्द्र बहादुर सिंह का आभार जताया। इन्होंने लखनऊ पीठ के समक्ष बार एसोसिएशन की ओर से बहस की।
बैठक में अधिवक्ता निधि के मामले में विशेष अपील में पारित निर्णय का सम्मानपूर्वक अनुपालन करते हुए सुधार कर अधिवक्ता निधि के कार्यान्वयन का निर्णय लिया गया। कहा गया कि अधिवक्ता निधि फोटो एफिडेविट सेंटर के माध्यम से बार के कनिष्ठ व सामान्य सदस्यों के लिए एक अनिवार्य बचत योजना है। हलफनामा कराने वाले अधिवक्ता की तरफ से यह राशि जमा की जायेगी।
मुख्य चुनाव अधिकारी आरके ओझा ने बताया कि न्यायमूर्ति अताउर रहमान एवं न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि हम हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद और अवध बार एसोसिएशन लखनऊ द्वारा अपने सदस्यों के लिए अपनी स्वतंत्र क्षमता में विकसित की जा सकने वाली कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में किसी भी अन्य मुद्दे पर नहीं जाते हैं। उन्होंने कहा कि बार एवं उसके सदस्यों के व्यापक हित में अच्छा कार्य हुआ है।
ओझा ने कहा कि अधिवक्ता निधि बहाल होने से लगभग डेढ़ माह बाद सदस्यों के बचत खातों में राशि जमा होने लगेगी। 23 मई 25 से एकलपीठ के आदेश से निधि में फंड जाना बंद हो गया था जो 10 जुलाई 25 फिर से लागू होने जा रहा है। सदस्यों ने खंडपीठ के निर्णय की सराहना की है।