दिव्यांगजन विश्वविद्यालयों में बढ़ा नामांकन, नए छात्रावासों से और मिलेगी गति : नरेंद्र कश्यप

दिव्यांगजन विश्वविद्यालयों में बढ़ा नामांकन, नए छात्रावासों से और मिलेगी गति : नरेंद्र कश्यप

दिव्यांगजन विश्वविद्यालयों में बढ़ा नामांकन, नए छात्रावासों से और मिलेगी गति : नरेंद्र कश्यप

लखनऊ, 12 नवंबर । प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सचिवालय, लखनऊ में विभागीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने बताया कि दिव्यांगजन विश्वविद्यालयों में नामांकन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और नए छात्रावासों के संचालन से नामांकन और बढ़ने की संभावना है।

मंत्री बैठक के दौरान विभागीय योजनाओं, निर्माण कार्यों, छात्रवृत्ति वितरण, पेंशन भुगतान तथा दिव्यांगजनों की कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री कश्यप ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं के लिए आवंटित धनराशि का उपयोग समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित किया जाए ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ प्राप्त हो सके।

बैठक में मंत्री कश्यप ने विश्व दिव्यांग दिवस (3 दिसम्बर) के अवसर पर दोनों दिव्यांगजन विश्वविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही 3 से 5 दिसम्बर तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में राज्यस्तरीय कार्यक्रम प्रस्तावित किए जाने की जानकारी दी। मंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य स्तर की खेल प्रतियोगिता आयोजित की जाए ताकि दिव्यांग युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग निरंतर की जाए और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग पेंशन समय से दी जाए और शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय सीमा में किया जाए।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा में मंत्री कश्यप ने कहा कि पात्र छात्रों को भी समयबद्ध तरीके से छात्रवृत्ति दी जाए और योजनाओं का प्रचार-प्रसार गांव-गांव तक किया जाए। शादी अनुदान योजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लंबित सभी आवेदनों का निस्तारण शीघ्र किया जाए ताकि पात्र जोड़ों को आर्थिक सहायता समय पर प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि छात्रावासों के अनुरक्षण कार्य प्रगति पर हैं, और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नए छात्रावासों के प्रस्ताव शासन को शीघ्र भेजे जाएं।