बजट की कमी बताकर भुगतान से इनकार नहीं कर सकती सरकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट, छह सप्ताह में बकाया राशि देने का आदेश
बजट की कमी बताकर भुगतान से इनकार नहीं कर सकती सरकार: इलाहाबाद हाईकोर्ट, छह सप्ताह में बकाया राशि देने का आदेश
प्रयागराज, 30 अक्टूबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आपूर्ति करा चुकी निर्माण कंपनी को बजट की कमी का हवाला देकर भुगतान न करने पर उत्तर प्रदेश सरकार के रुख पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इसे राज्य की ओर से "पूरी तरह अस्वीकार्य दृष्टिकोण" बताया, क्योंकि राज्य को "मॉडल एम्प्लॉयर" माना जाता है।
न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की खंडपीठ ने मेसर्स एसआरके कंस्ट्रक्शन कंपनी की याचिका पर यह आदेश दिया।
विपक्षी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि धन की कमी के कारण याचिकाकर्ता को भुगतान नहीं हो सका। यह तथ्य विवादित नहीं है कि सामग्री की आपूर्ति पहले ही हो चुकी है।
दलील दी कि आपूर्ति वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2017 तक की गई थी। वार्षिक बजट की शेष राशि राज्य को वापस चली गई है, इसलिए नया बजट मिलने तक भुगतान संभव नहीं है।
खंडपीठ ने आश्चर्य जताया कि जिस राज्य ने आवश्यकता पड़ने पर याचिकाकर्ता के जरिए आपूर्ति ली, वही अब धन के अभाव में भुगतान से इन्कार कर रहा है।
कोर्ट ने प्रमुख सचिव शहरी विकास विभाग को छह सप्ताह के भीतर राशि जारी करने का निर्देश दिया। जो याचिकाकर्ता को देय होगी और अनुपालन हलफनामा मांगा है। अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।