उच्च न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत चार आरोपितों को दी जमानत

उच्च न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत चार आरोपितों को दी जमानत

उच्च न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत चार आरोपितों को दी जमानत

प्रयागराज, 20 अगस्त । इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने गुरुवार को सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म मामले में चार आरोपितों सोनी, शिव सिंह उर्फ रामलाल, बिंदु और राहुल कुमार को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपित बिंदु पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी कि शिकायतकर्ता की पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। बाद में पीड़िता बरामद हुई, जिसने अपने बयान में बताया कि वह स्वयं बिंदु के साथ काम की तलाश में मीरजापुर और फिर आगरा गई थी, जहां वे शिव सिंह उर्फ रामलाल और सोनी के घर ठहरे। कुछ दिनों बाद बिंदु वापस लौट आई, जबकि सोनी और शिव सिंह पीड़िता को राहुल कुमार के घर ले गए, जहां वह घरेलू सहायिका के रूप में काम करने लगी। आरोप है कि राहुल कुमार ने सोनी और शिव सिंह से पीड़िता को "खरीदा" और दस दिन बाद उसके साथ दुष्कर्म शुरू कर दिया, जिससे वह गर्भवती हो गई।

बचाव पक्ष के वकीलों ने दलील दी कि पीड़िता ने राहुल कुमार के घर रहने के दौरान उससे प्रेम संबंध स्थापित किया और स्वेच्छा से विवाह कर लिया, जिसके बाद वह गर्भवती हुई। पीड़िता की आयु लगभग 18 वर्ष बताई गई। वादी पक्ष के वकील ने भी राहुल कुमार की जमानत याचिका का विरोध नहीं किया, क्योंकि दोनों पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे हैं।

अदालत ने पाया कि मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है। इसलिए हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के कपिल वाधवान बनाम सीबीआई (2025) तथा हाईकोर्ट के माया तिवारी बनाम यूपी राज्य (2024) मामलों में दिए गए दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए, तथा जेलों में भीड़भाड़ और मुकदमों की लंबित संख्या को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने चारों आरोपितों को जमानत देने का निर्णय लिया। आरोपित 13 अप्रैल और 18 अप्रैल 2026 से जेल में बंद थे।