लकड़ी के पिंड में विराजमान माता बनीं श्रद्धा का केंद्र
— तीन सौ साल पुरानी फुलवरिया माता के दरबार में गूंजे भजन, भव्य वार्षिकोत्सव संपन्न
मीरजापुर, 09 फ़रवरी । उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के चुनार क्षेत्र के सीखड़ गांव स्थित प्राचीन फुलवरिया माता मंदिर में सोमवार को वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर माता का भव्य श्रृंगार किया गया और विधि-विधान से पूजन-अर्चन के बाद भोग लगाकर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिनभर मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए जुटी रही।
मंदिर में अखंड रामचरित मानस पाठ के साथ भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन कलाकार आशु पांडेय की प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। फुलवरिया माता की प्रतिमा लकड़ी के पिंड के रूप में स्थापित है, जिसे लगभग तीन सौ वर्ष पुराना बताया जाता है। मान्यता है कि गंगा की बाढ़ में एक सप्ताह से अधिक समय तक डूबे रहने के बावजूद न तो इस लकड़ी के पिंड में दीमक लगी और न ही वह पानी से खराब हुआ, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी है। सैकड़ों वर्ष पुराने इस प्राचीन मंदिर का हाल ही में जीर्णोद्धार कराया गया। कार्यक्रम में आचार्य पंडित सुनील मिश्र, प्रदीप पांडेय, रामेश्वर पांडेय, अखिल भोलू मिश्र, गुन्नू पांडेय, रतन पांडेय, गणेश पांडेय, निर्भय शंकर चौबे, अनिल पांडेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।