माधव ज्ञान केंद्र के क्षेत्रीय संगीत कार्यशाला में ताल व स्वर के महत्व की दी जानकारी

माधव ज्ञान केंद्र के क्षेत्रीय संगीत कार्यशाला में ताल व स्वर के महत्व की दी जानकारी

माधव ज्ञान केंद्र के क्षेत्रीय संगीत कार्यशाला में ताल व स्वर के महत्व की दी जानकारी

प्रयागराज, 19 फरवरी । विद्या भारती से संबद्ध काशी प्रांत के सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र नैनी में तीन दिवसीय क्षेत्रीय संगीत कार्यशाला का शुभारम्भ प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र के संयोजन में प्रारम्भ हुआ।

विद्यालय के मीडिया प्रभारी संजय कुमार मिश्र ने बताया कि कार्यशाला के द्वितीय दिवस पर गुरूवार को वंदना सत्र में होने वाले प्रातः स्मरण एवं एकात्मता स्तोत्र के शुद्ध उच्चारण का अभ्यास डॉ राम मनोहर ने तत्पश्चात अखिल भारतीय स्तर पर चयनित ‘भारत की पावन माटी का तिलक लगाते हैं (प्राथमिक), ‘राष्ट्र सेवा हित समर्पित हम करें सर्वस्व अर्पण’ (माध्यमिक) एवं ‘वंदे भारतम्, वंदे मातरम् सर्वे भवंतु सुखिनः’ (संस्कृत) के गीतों का विनोद कुमार द्विवेदी ने स्वरों एवं तालों का महत्व समझाते हुए सभी प्रतिभागियों को अभ्यास कराया।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्घाटन अखिल भारतीय सह संगीत संयोजक एवं सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश डॉ राम मनोहर एवं अखिल भारतीय संगीत संयोजक एवं देश के सुप्रसिद्ध ध्रुपद गायक विनोद कुमार द्विवेदी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया था। कार्यशाला का प्रथम दिन परिचयात्मक बैठक एवं आवश्यक दिशा निर्देशों का रहा।

मीडिया प्रभारी ने बताया कि कार्यशाला में पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संयोजक, सह क्षेत्र संयोजक, प्रांत संयोजक, नगरीय एवं ग्रामीण तथा सह प्रांत संयोजक नगरीय एवं ग्रामीण सहित 13 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में आए प्रतिभागियों व अतिथियों का स्वागत प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र ने एवं धन्यवाद ज्ञापन क्षेत्रीय संगीत संयोजक मनोज कुमार गुप्ता ने किया।