परिषदीय विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षा को नई ताकत देगा बढ़ा मानदेय : राकेश सचान
परिषदीय विद्यालयों में गतिविधि आधारित शिक्षा को नई ताकत देगा बढ़ा मानदेय : राकेश सचान
कानपुर, 17 मई । परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार ने उनके योगदान का सम्मान करते हुए मानदेय नौ हजार रुपये से बढ़ाकर सत्रह हजार रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है। बढ़ी हुई राशि एक अप्रैल 2026 से लागू होगी और अनुदेशकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ भी दिया जाएगा। यह बातें रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कही।
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित अनुदेशक सम्मान समारोह में जनपद के विभिन्न विकासखंडों एवं नगर क्षेत्र के चयनित अनुदेशकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भीतरगांव के अंकुर अशोक, बिधनू की अंजलि कौशल, बिल्हौर के प्रशांत मिश्रा, चौबेपुर के अनुभव मौर्य, घाटमपुर की विभा सचान, ककवन के अमित कुमार सिंह, पतारा के बेंसू सचान, सरसौल के विराग यादव, शिवराजपुर के आशीष कुमार तथा नगर क्षेत्र के आशीष मिश्रा को सम्मानित किया गया।
कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशक खेलकूद, योग, संगीत, कला और अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में अनुदेशकों का मानदेय सात हजार रुपये से बढ़ाकर नौ हजार रुपये किया गया था, जबकि अब राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर सत्रह हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ शिक्षकों और अनुदेशकों के हितों को भी प्राथमिकता दे रही है।
विधायक सुरेंद्र मैथानी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत परिषदीय विद्यालयों में तेजी से सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल लर्निंग, टैबलेट वितरण और ऑपरेशन कायाकल्प जैसी योजनाओं ने सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदलने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि अनुदेशक विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने तथा गतिविधि आधारित शिक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सीडीओ अभिनव जे जैन ने कहा कि वर्तमान में कानपुर नगर के परिषदीय विद्यालयों में एक सौ बाईस अनुदेशक कार्यरत हैं। उन्होंने सभी अनुदेशकों को बधाई देते हुए शासन की मंशानुरूप पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों की भी जानकारी साझा की गई। बताया गया कि प्रदेश में ड्रॉपआउट दर में उल्लेखनीय कमी आई है तथा ट्रांजिशन दर में सुधार हुआ है। कानपुर नगर में दो सौ बहत्तर विद्यालयों को स्मार्ट क्लास और उनचास विद्यालयों को आईसीटी लैब से जोड़ा जा चुका है। शिक्षकों एवं अनुदेशकों को तीन हजार पांच सौ दो टैबलेट वितरित किए गए हैं। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय और ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डीआरडीए आलोक कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में अनुदेशक उपस्थित रहे।