तीन नई रेल सेवाओं का शुभारंभ करने वाराणसी पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

तीन नई रेल सेवाओं का शुभारंभ करने वाराणसी पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

तीन नई रेल सेवाओं का शुभारंभ करने वाराणसी पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

वाराणसी, 31 अक्टूबर । वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सहित तीन महत्वपूर्ण रेल सेवाओं का शुभारंभ करने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार पूर्वाह्न वाराणसी पहुंचे। बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। रेल मंत्री ने एयरपोर्ट पर पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत की और इसके बाद शहर के लिए रवाना हो गए।

एयरपोर्ट पर रेल मंत्री का स्वागत करने वालों में पिंडरा विधायक अवधेश सिंह, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव, महापौर अशोक तिवारी, भाजपा नेता पवन सिंह और एयरपोर्ट प्रोटोकॉल प्रभारी शैलेश पाण्डेय सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल रहे।

शनिवार अपराह्न वाराणसी और आसपास के जिलों के रेल यात्रियों को एक साथ तीन महत्वपूर्ण रेल सुविधाओं की सौगात मिलने जा रही है। बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, वाराणसी सिटी-राजातालाब रेलखंड पर चार जोड़ी मेमू ट्रेनों और बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच नई ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के प्रमुख जनप्रतिनिधियों के साथ रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

वहीं, प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।

इन रेल सेवाओं के शुरू होने से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में रेल संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। वहीं, वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच मेमू ट्रेनों के संचालन से दैनिक यात्रियों को लाभ मिलेगा। बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू होने से दोनों प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरों के बीच रेल आवागमन का एक और विकल्प उपलब्ध होगा।-