यूपी के प्रत्येक जिले में बनेंगे दो सीएम मॉडल कम्पोजिट विद्यालय : संदीप सिंह

-विधानसभा में अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाने का मुद्दा भी उठा

यूपी के प्रत्येक जिले में बनेंगे दो सीएम मॉडल कम्पोजिट विद्यालय : संदीप सिंह

लखनऊ, 17 फरवरी । उत्तर प्रदेश विधानसभा में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के एक सवाल का उत्तर देते हुए कहा कि हमारी सरकार ने परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदलने का कार्य किया है। विद्यालयों को बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा गया। हर जनपद में दो-दो सीएम मॉडल कम्पोजिट विद्यालय निर्मित किये जा रहे हैं।

बेसिक शिक्षा मंत्री ने आज सदन में जानकारी दी कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में दो-दो सीएम मॉडल कम्पोजिट विद्यालयाें की स्थापना की जाएगी। एक विद्यालय पर 25 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इन स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी निजी क्षेत्र के विद्यालयों से कमजोर नहीं होगा। यह निजी विद्यालयों से बेहतर होंगे। प्रश्नकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के सदस्य डॉ राकेश कुमार वर्मा के सवाल पर उन्होंने यह उत्तर दिया। विपक्षी सदस्य के अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराए जाने के सवाल पर मंत्री ने लिखित उत्तर में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बिंदु संख्या 4.11 में स्पष्ट किया गया है कि जहां तक संभव हो कम से कम ग्रेड पांच तक लेकिन बेहतर यह होगा कि ग्रेड आठ और उससे आगे तक भी हो, शिक्षा का माध्यम घर की भाषा/मातृ भाषा/स्थानीय भाषा/क्षेत्रीय भाषा होगी।

सपा के अतुल प्रधान ने पंचायत चुनाव से जुड़ा सवाल किया। क्या सरकार ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव सीधे जनता से चुने जाने के लिए केंद्र सरकार को कोई ऐसा प्रस्ताव भेजेगी। इस पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यह मुद्दा केन्द्र से जुड़ा है। राज्य सरकार यह निर्णय नहीं कर सकती है। राजभर ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने केन्द्र सरकार को दो बार पत्र लिखा है। केन्द्र सरकार के संबंधित मंत्री से मुलाकात भी की है। यह विषय केन्द्र का है।

संग्राम सिंह यादव के कानून व्यवस्था से जुड़े सवाल पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि हमारी सरकार में कानून व्यवस्था दुरुस्त है। यह परसेप्शन भी है। अपराध के मामले में हमारा राज्य 20वें नम्बर पर है। देश के 19 राज्यों में हमसे ज्यादा अपराध हुए हैं। हत्या के मामले में 29वें स्थान पर हैं। उन्होंने राज्य में हुए अपराध के आंकड़ों को रखते हुए प्रदेश की कानून व्यस्था का बेहतर बताया।

अधिकारी नहीं उठाते फोन

प्रश्नकाल के बाद शून्य काल में नियम 300 के तहत ग्राह्यता के लिए दो सूचनाएं सुनी गयीं। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि विधायिका पर कार्यपालिका हावी है। कोई भी सरकारी- कर्मचारी फोन नहीं उठाते। थानेदार दलालों से बैठकर बातें करेंगे लेकिन फोन नहीं उठाते जबकि पीठ से इसके लिए निर्देशित किया गया है। अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा निर्देश नहीं माना जाना पीठ की अवहेलना है। इसी मुद्दे पर सपा के सदस्य कमाल अख्तर ने कहा कि अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। हम लोग विपक्ष के हैं। सत्ता पक्ष के विधायकों की भी नहीं सुनते। मंत्रियों को भी धरना देना पड़ता है। डॉ. संग्राम सिंह ने कहा कि पीठ से व्यवस्था दी गयी है। इसका कड़ाई से पालन कराया जाए।

इस पर विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि सबको सुनने के बाद हम इस पर व्यवस्था देंगे। यह व्यवस्था रिजर्व है। संसदीय कार्य मंत्री से बात करने के बाद निर्णय सुनाया जाएगा।

मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि कार्यपालिका के विधायिका पर हावी होने का आरोप निराधार है। शासनादेश जारी कर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। स्पष्टता से अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। यह भी कहा गया है कि यदि कोई अधिकारी इसका पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विधान सभा अध्यक्ष की अनुमति पर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने सुझाव दिया कि इस विषय पर एक व्हाट्सएप नम्बर विधानसभा स्तर पर सदस्यों को दिया जाए। यदि कोई अधिकारी नम्बर न उठाए तो सदस्य इसी नम्बर पर डिटेल भेजें। विधानसभा से संबंधित अधिकारी को फोन जाएगा तो यथास्थिति के बारे में जानकारी मिल जाएगी। लपरवारी करने वालों की जवाबदेही तय की जा सकेगी।-