प्रयागराज: नवरात्र पर्व में दिखी नारी सशक्तिकरण की झलक, महिलाओं ने योगी सरकार को दिया श्रेय
5564 महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की संजीवनी
प्रयागराज, 22 मार्च । उत्तर प्रदेश प्रदेश में नारी शक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। एक जनपद एक उत्पाद योजना इसके लिए कारगर रास्ता बन गई है। नवरात्र में नारी सशक्तिकरण की यह तस्वीर एक तरफ हिन्दू महिलाओं के परिवारों में दिख रही है तो वहीं इस बार मुस्लिम महिलाओं के लिए भी यह पहल ईद की खुशियों में चार चांद लगाने वाली साबित हुई है।
सरकार के 5348 लाख के आर्थिक सहयोग से 5564 महिलाओं मिली आत्मनिर्भरता की संजीवनी
गांव और शहर के लुप्त हो रहे परम्परागत हस्तशिल्प को पुनर्जीवित करने में योगी सरकार की एक जनपद एक उत्पाद वरदान साबित हो रही है। प्रयागराज जनपद में मूंज क्राफ्ट एवं फूड प्रोसेसिंग को इसके अंतर्गत शामिल किया गया है जिसने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है।
संयुक्त आयुक्त उद्योग अजय कुमार चौरसिया बताते हैं कि इस योजना के अंतर्गत विगत 7 वर्षों में प्रयागराज जिले में महिलाओं को अब तक 5348 लाख रुपए का आर्थिक सहयोग सरकार ने दिया है। योजना से अब तक 5564 महिलाओं को रोजगार मिला है।
नवरात्र में धार्मिक अनुष्ठानों में इकोफ्रेंडली मूंज क्राफ्ट ने बनाई पहचान
चैत्र नवरात्र में मंदिरों और शक्तिपीठों के बाहर पूजा सामग्री का बड़ा बाज़ार सजता है । हिन्दू धार्मिक मान्यता में मूंज को पवित्र माने जाने की वजह से नवरात्र में मूंज से बने पूजा की टोकरी, कैरी बैग, आसनी व चटाई की बिक्री में बढ़ी बढ़ोत्तरी हुई है। इतना ही नहीं पर्यावर्णीय अनुकूलता के कारण मूँज उत्पाद राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों के लिए भी इसमें असीम संभावनाए छिपी है। महिलाओ ने इसमें कई प्रयोग भी किए हैं। प्रयागराज की अनुप्रिया शर्मा ने जूट ज्वेलरी में कई प्रयोग कर उसे आकर्षक बनाया। कुछ हल्की धातुओं , पत्थरों और नेचुरल बीज को जूट के साथ जोड़कर इन्होंने अपने हुनर से तराशा। उनकी जूट ज्वेलरी की इंटरनेशनल मार्केट में खासी डिमांड है। कई अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेलों में इनके उत्पाद धूम मचा चुके हैं।
बदल रही है मुस्लिम महिलाओं की जिंदगी, ईद की खुशियों में लगे चार चांद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना एक जिला एक उत्पाद से मुस्लिम समाज की महिलाओं में भी आत्मनिर्भरता बढ़ी है। प्रयागराज जिले के लिए इस योजना में चयनित उत्पाद मूंज के विभिन्न उत्पाद बनाने में जिले के नैनी के महेवा गांव की मुस्लिम महिलाओं की सबसे अधिक भागेदारी है। इन घरेलू महिलाओं ने अपने हस्तकला के हुनर मूंज से पूजा की आसनी , पूजा की डलिया, गंगा जल ले जाने के बैग तैयार किए हैं जिनकी स्थानीय बाजार में खासी मांग है। 13 सितम्बर 2024 को यहां 5 करोड़ की लागत से टूरिस्ट क्राफ्ट विलेज का निर्माण होने के बाद इसे नया बाजार मिला है। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि अब तक 12 करोड़ का निर्यात केवल मूंज के उत्पाद का हुआ है।
मूंज उत्पाद तैयार करने वाली महेवा गांव के हस्त शिल्पकार फातिमा बताती हैं कि मूंज शिल्प ग्राम बनने के बाद अब हमारे पास अधिक ऑर्डर आ रहे हैं। हमारे उत्पाद के पैसे भी अब अधिक मिल रहे हैं। महाकुम्भ में 500 पूजा की डलिया और बैग बनाने के ऑर्डर मिले।
इसी गांव की नसरीन का कहना है कि अब हमारे पास ऑनलाइन ऑर्डर ज्यादा आते हैं। ऑर्डर इतने मिल रहे हैं कि हम लोग डिमांड पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इस बार इस आमदनी से हमारी ईद की खुशियों के भी चार चांद लग गए।