मालवाहक में मासूमों की जान से खिलवाड़! मीरजापुर में एआरटीओ की दबिश से हड़कम्प, तीन वाहन सीज, बच्चों को सुरक्षित पहुंचाया स्कूल
मालवाहक में मासूमों की जान से खिलवाड़! मीरजापुर में एआरटीओ की दबिश से हड़कम्प, तीन वाहन सीज, बच्चों को सुरक्षित पहुंचाया स्कूल
मीरजापुर, 16 जुलाई बच्चों की जान को खतरे में डालकर मालवाहक वाहनों में उनकी असुरक्षित सवारी का एक गंभीर मामला मीरजापुर के ड्रमंडगंज क्षेत्र में सामने आया है, जिस पर परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) एस.पी. सिंह के नेतृत्व में बुधवार सुबह की गई औचक कार्रवाई से पूरे क्षेत्र के वाहन चालकों और संचालकों में हड़कम्प मच गया। इस अभियान के तहत तीन नियम-विरुद्ध मालवाहक वाहनों को तत्काल मौके पर ही जब्त कर सीज कर दिया गया, जो स्कूली बच्चों को ढो रहे थे।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभियान, चौंकाने वाला नजारा: परिवहन विभाग द्वारा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के बावजूद, ड्रमंडगंज क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक नजारा देखने को मिला। एआरटीओ एस.पी. सिंह ने जब बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष चेकिंग अभियान चलाया, तो यह देखकर वे अचंभित रह गए कि कई मालवाहक वाहन, जिनका वैध उपयोग केवल सामान ढोने के लिए होता है, खचाखच भरे स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल ले जा रहे थे। इन बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म में देखकर यह स्पष्ट हो गया कि उनकी जान को बड़े खतरे में डालकर उन्हें प्रतिदिन स्कूल पहुंचाया जा रहा था, जो परिवहन नियमों का सरासर उल्लंघन था।
तत्काल कार्रवाई और मानवीय पहल: एआरटीओ ने बिना किसी देरी के तत्काल ऐसे तीन मालवाहक वाहनों को चिन्हित किया और उन्हें पकड़ लिया। इन वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से पुलिस थाने में सीज करवा दिया गया। कार्रवाई का सबसे सराहनीय और मानवीय पहलू यह रहा कि एआरटीओ एस.पी. सिंह ने स्वयं इस बात को प्राथमिकता दी कि बच्चे समय पर स्कूल पहुंचें। उन्होंने अपनी निजी वाहन से इन मासूम बच्चों को सुरक्षित उनके संबंधित स्कूलों तक पहुंचाया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
हड़कम्प और लापरवाह स्कूल प्रबंधन पर सवाल: जैसे ही एआरटीओ की यह सख्त कार्रवाई शुरू हुई, ड्रमंडगंज क्षेत्र में अन्य ऐसे वाहन चालकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया जो इसी तरह के नियम विरुद्ध कार्यों में लिप्त थे। कई वाहन चालक अपनी गाड़ियों को मौके से हटाने या रास्ता बदलकर निकलने की कोशिश करते देखे गए, जिससे उनकी गैरकानूनी गतिविधियां उजागर हो गईं। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी सख्त निर्देशों के बावजूद, यह स्पष्ट है कि कुछ स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालक बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही बरत रहे थे और केवल व्यावसायिक लाभ के लिए मासूमों की जान से खिलवाड़ कर रहे थे।
एआरटीओ की सख्त चेतावनी: एआरटीओ एस.पी. सिंह ने मीडिया को बताया कि जब्त किए गए तीनों वाहन मोटर वाहन अधिनियम के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों का गंभीर उल्लंघन करते हुए स्कूली बच्चों को ढो रहे थे। उन्होंने सभी वाहन चालकों और सबसे महत्वपूर्ण, स्कूल संचालकों को स्पष्ट और कड़ी चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि ऐसी कोई भी लापरवाही या नियम विरुद्ध कार्य दोबारा पाया जाता है तो और भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मामलों में केवल वाहन सीज करने तक ही सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि वाहन का परमिट रद्द करना, भारी जुर्माना लगाना और संबंधित चालकों व स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करना भी शामिल हो सकता है। परिवहन विभाग ने ऐसे असुरक्षित परिवहन पर अपनी निगरानी जारी रखने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।