शेरगढ़ घाट का यमुना पुल बंद , 100 गांव होंगे प्रभावित
शेरगढ़ घाट का यमुना पुल बंद , 100 गांव होंगे प्रभावित
औरैया, 16 जुलाई औरैया और जालौन जिले को जोड़ने वाले बिलराया-पनवाड़ी मार्ग पर स्थित शेरगढ़ घाट के यमुना पुल को मरम्मत कार्य के चलते मंगलवार शाम से पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। पुल के अचानक बंद होने से दोनों जिलों के लगभग 100 गांवों के निवासियों को अगले एक माह तक भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि उनका सीधा संपर्क औरैया जिला मुख्यालय से कट गया है।
मरम्मत कार्य का निर्णय और प्रशासनिक बैठक: यह महत्वपूर्ण निर्णय 12 जुलाई को देवकली मंदिर के पास पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में जालौन और औरैया जिले के शीर्ष प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक में लिया गया था। पुल के सात और आठ नंबर के ज्वाइंटरों में आई गंभीर खराबी को दूर करने के लिए कार्यदाई संस्था एमएस बिल्डर्स के इंजीनियर पिछले एक माह से यमुना नदी के पास डेरा जमाए हुए थे और मरम्मत कार्य की रूपरेखा तैयार कर रहे थे। बैठक में औरैया के जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर के साथ जालौन जिले के जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार मौजूद थे। सभी अधिकारियों ने पुल की मरम्मत का काम 15 जुलाई से शुरू करने पर सहमति जताई थी, जिसके बाद मंगलवार, 15 जुलाई से पुल पर आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया।
पुल पर आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित: मरम्मत कार्य के प्रारंभ होते ही पुलिस ने पुल के दोनों ओर सघन बेरीकेटिंग लगाकर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इससे पहले, बड़े और भारी वाहनों को पहले ही 'हाइट गेज' लगाकर रोका जा चुका था, लेकिन बुधवार सुबह से छोटे और दोपहिया वाहनों का भी इस पुल से गुजरना बंद हो गया है, जिससे दैनिक यात्रियों को तुरंत वैकल्पिक मार्गों की तलाश करनी पड़ी। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) अमर सिंह ने बताया कि पुल की मरम्मत का कार्य एक माह के भीतर पूरा किए जाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्य 14 अगस्त तक हर हाल में संपन्न करा लिया जाएगा, जिसके बाद ही पुल को पुनः यातायात के लिए खोला जाएगा।
आम जनता को भारी परेशानी और व्यापार पर असर: यमुना नदी पुल की मरम्मत के कारण सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बंद हो जाने से अब जालौन और झांसी की ओर जाने वाले लोगों को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे जैसे लंबे और महंगे वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना होगा, जिससे उन्हें न केवल अधिक समय बल्कि अतिरिक्त ईंधन लागत का भी सामना करना पड़ेगा। यह स्थिति अगले एक माह तक लाखों लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी रहेगी।
बुधवार सुबह मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया, तो जालौन की ओर से आने वाले लोगों ने अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि औरैया का अधिकांश व्यापार, विशेषकर सब्जियों और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति, जालौन की ओर से होती थी। पुल बंद होने से यह व्यापार पूरी तरह से ठप हो जाएगा, जिसका सीधा असर दोनों जिलों की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। एक ग्रामीण ने बताया कि उनके गांव से औरैया की दूरी मात्र 12 किलोमीटर थी, लेकिन अब उन्हें औरैया पहुंचने के लिए लगभग 70 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना होगा, जो उनके लिए एक बड़ी मुसीबत है।
यमुना पार के गांवों के निवासियों ने बताया कि उनके अधिकांश बैंक खाते औरैया में ही खुले हुए हैं, जिससे उन्हें हर दूसरे-तीसरे दिन बैंकिंग कार्यों के लिए औरैया जाना पड़ता है। पुल बंद होने से यह उनके लिए एक गंभीर और अव्यावहारिक समस्या बन गई है, क्योंकि उन्हें अब छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी लंबी यात्रा करनी पड़ेगी, जिससे उनका समय और पैसा दोनों ही बर्बाद होगा।