राज्यपाल का अभिभाषण विकास की गाथा का दस्तावेज: डॉ. नीलकंठ तिवारी

राज्यपाल का अभिभाषण विकास की गाथा का दस्तावेज: डॉ. नीलकंठ तिवारी

राज्यपाल का अभिभाषण विकास की गाथा का दस्तावेज: डॉ. नीलकंठ तिवारी

लखनऊ, 11 फरवरी । राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने सरकार की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख करते हुए इसे उत्तर प्रदेश की नई विकास गाथा का दस्तावेज बताया।

डॉ. तिवारी ने कहा कि 9 फरवरी 2026 को राज्य विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल द्वारा दिया गया अभिभाषण प्रदेश की समग्र विकास यात्रा का स्पष्ट रोडमैप है। इसमें हर वर्ग- गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित समाज के कल्याण की प्रतिबद्धता दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य केवल घोषणा नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और योजनाओं पर आधारित है। 2017 से पहले प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 13 लाख करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। निर्यात में वृद्धि हुई है, निवेश आया है और ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के तहत हजारों एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं।

वाराणसी और विरासत पर विशेष जोर

काशी का उल्लेख करते हुए डॉ. तिवारी ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। वाराणसी आज वैश्विक आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने विरासत और विकास को साथ लेकर चलने का काम किया है। प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्थाओं को उन्होंने प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण बताया।

विपक्ष पर भी साधा निशाना

डॉ. तिवारी ने कहा कि यदि विपक्ष अभिभाषण को गंभीरता से सुनता तो उन्हें पता चलता कि सरकार ने हर वर्ग के लिए ठोस योजनाएं लागू की हैं। राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद के प्रति असम्मान लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।



किसान, शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस

उन्होंने बताया कि 56 लाख से अधिक किसानों की कर्जमाफी की गई, करोड़ों किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिला और गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय और संस्थानों की स्थापना को उन्होंने भविष्य निर्माण की बुनियाद बताया।

अंत में डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीयत, नीति और नियोजन का प्रतिबिंब है। यह उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की संकल्प यात्रा का प्रमाण है। उन्होंने सदन से धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करने का आग्रह किया।