अखिलेश यादव ने श्रावण के पहले दिन नवनिर्मित केदारेश्वर महादेव मंदिर को किया उजागर, सैफई में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
अखिलेश यादव ने श्रावण के पहले दिन नवनिर्मित केदारेश्वर महादेव मंदिर को किया उजागर, सैफई में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
लखनऊ, 11 जुलाई श्रावण मास के पावन और शुभ आरंभ के साथ ही, मंगलवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक महत्वपूर्ण धार्मिक पहल करते हुए अपने गृह जनपद सैफई में निर्माणाधीन केदारेश्वर महादेव मंदिर की ओर देशव्यापी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (पूर्व में ट्विटर, अब एक्स) पर मंदिर की भव्य तस्वीरें साझा करते हुए समस्त देशवासियों को पावन श्रावण मास की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह पहल उनकी निजी आस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनके जुड़ाव को दर्शाती है।
यह उल्लेखनीय है कि यह विशाल मंदिर अखिलेश यादव की परिकल्पना का परिणाम है, जो उत्तराखंड के प्रसिद्ध और पवित्र केदारनाथ धाम की तर्ज पर अपने गृह जनपद सैफई में केदारेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण करवा रहे हैं। मंदिर निर्माण का कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। इसका बाहरी स्वरूप लगभग पूर्ण हो चुका है, जिसमें केदारनाथ मंदिर की वास्तुकला की झलक साफ दिखाई देती है। वर्तमान में केवल रंग-रोगन और कुछ अंतिम फिनिशिंग का कार्य शेष है। उम्मीद की जा रही है कि यह मंदिर जल्द ही पूरी तरह से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।
श्रावण माह के प्रथम दिन होने के कारण, सैफई और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह से ही केदारेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए उमड़ पड़े। भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, मंदिर प्रशासन और स्थानीय सहयोग से समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस नवनिर्मित मंदिर में श्रद्धालुओं की सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं, जो इस स्थल को लेकर बढ़ती धार्मिक उत्सुकता और आस्था का प्रमाण है।
अखिलेश यादव का यह कदम न केवल उनकी आध्यात्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि वे अपने गृह क्षेत्र में सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को मजबूत करने के इच्छुक हैं। इस मंदिर का निर्माण समाजवादी पार्टी के लिए एक नए धार्मिक-सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है, जो भविष्य में सैफई को एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में भी स्थापित कर सकता है। श्रावण मास के दौरान यहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है।