फर्जीवाड़ा मामले में आरोपित को मिली जमानत, हाईकोर्ट ने जताई गिरफ्तारी प्रक्रिया पर चिंता
फर्जीवाड़ा मामले में आरोपित को मिली जमानत, हाईकोर्ट ने जताई गिरफ्तारी प्रक्रिया पर चिंता
प्रयागराज, 25 जून । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में दर्ज एक फर्जीवाड़ा मामले में आरोपित खुर्शीद अहमद खान को अग्रिम जमानत प्रदान की है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की एकल पीठ ने यह आदेश पारित किया। अदालत ने इस मामले में गिरफ्तारी के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित मानकों का पालन न किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
खुर्शीद अहमद खान के खिलाफ कैंट थाने में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति प्राप्त करना), 467 (मूल्यवान सुरक्षा, वसीयत आदि की जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज को असली बताकर उपयोग करना), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 506 (आपराधिक धमकी), और 384 (जबरन वसूली) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपित खुर्शीद अहमद खान ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ता के वकीलों ने अदालत में तर्क दिया कि इसी मामले में सह-आरोपित अयाज अहमद को पहले ही 20 फरवरी, 2025 को अग्रिम जमानत मिल चुकी है और खुर्शीद अहमद खान का मामला भी समान आधार पर ही है। उन्होंने कहा कि खुर्शीद को भी उसी आधार पर जमानत मिलनी चाहिए।
राज्य सरकार की ओर से इस जमानत याचिका का विरोध किया गया। हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि गिरफ्तारी को अंतिम उपाय माना जाना चाहिए और यह केवल उन मामलों में ही की जानी चाहिए जहां यह अनिवार्य रूप से आवश्यक हो। अदालत ने सुशीला अग्रवाल बनाम दिल्ली राज्य मामले और जोगिंदर कुमार बनाम उत्तर प्रदेश सरकार मामले में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए गिरफ्तारी की मनमानी प्रक्रिया पर गहरी चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने खुर्शीद अहमद खान को कुछ शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दी। इन शर्तों में जांच में सहयोग करना और अदालत के आदेशों का पालन करना शामिल हो सकता है।
इस आदेश के साथ ही, हाईकोर्ट ने एक बार फिर गिरफ्तारी की प्रक्रिया में सावधानी बरतने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।