-सड़क हादसे में तीन कांवड़ियों की हुई थी मौत, मुख्यमंत्री ने परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना

-सड़क हादसे में तीन कांवड़ियों की हुई थी मौत, मुख्यमंत्री ने परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना

-सड़क हादसे में तीन कांवड़ियों की हुई थी मौत, मुख्यमंत्री ने परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना

गौतमबुद्धनगर, 16 जुलाई  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतमबुद्धनगर में मंगलवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे का गंभीरता से संज्ञान लिया है, जिसमें हरिद्वार से लौट रहे तीन कांवड़ियों की दुखद मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा घायलों को समुचित उपचार सुनिश्चित करने के प्रारंभिक निर्देश दिए थे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस उपायुक्त (एसीपी) स्वतंत्र कुमार ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर सेक्टर-62 क्षेत्र में मंगलवार को हुई। हादसे का शिकार हुए तीनों युवक दिल्ली के रहने वाले थे और दो दिन पहले हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पूर्ण कर लौट रहे थे। तेज रफ्तार से आ रही उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर एक खंभे से टकरा गई। इस भीषण टक्कर में जीवन मीणा (24) नामक एक कांवड़ यात्री की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सुमित (25) और राजकुमार (23) गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों मृतक दिल्ली के निवासी थे।

तत्काल दोनों घायलों को गाजियाबाद स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस प्रकार, इस हादसे में तीनों युवा कांवड़ियों की जान चली गई।

बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद गौतमबुद्धनगर में घटित इस हृदयविदारक सड़क दुर्घटना का पुनः संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और ईश्वर से उन्हें यह असहनीय दुःख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे तत्काल प्रभावी कदम उठाते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करें। हालांकि, सभी घायल बाद में दम तोड़ चुके थे, मुख्यमंत्री ने अपनी पूर्व की निर्देशों में घायलों को त्वरित और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया था, साथ ही उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की थी। यह घटना कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क सुरक्षा के महत्व को पुनः उजागर करती है।