29 सितंबर को प्रयागराज आएंगे पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य निश्चलानंद, 10 अक्टूबर तक रहेगा प्रवास

झूंसी के श्री शिवगंगा आश्रम में शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के प्रवास को लेकर तैयारियां तेज हैं, कार्यक्रमों में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने और सोशल मीडिया के जरिए प्रचार पर जोर दिया गया।

29 सितंबर को प्रयागराज आएंगे पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य निश्चलानंद, 10 अक्टूबर तक रहेगा प्रवास

प्रयागराज, 22 सितंबर। गोवर्धन मठ, पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के 29 सितंबर को प्रयागराज आगमन को लेकर मंगलवार को झूंसी स्थित श्री शिवगंगा आश्रम में आदित्यवाहिनी, आनंदवाहिनी और पीठ परिषद के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। बैठक में शंकराचार्य के स्वागत और उनके प्रवास के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों पर चर्चा की गई।

बैठक में आदित्यवाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिव्यकांत त्रिपाठी ने कहा कि शंकराचार्य के आगमन की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के साथ युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार करने की अपील की।

उन्होंने बताया कि शंकराचार्य 29 सितंबर से 10 अक्टूबर तक झूंसी स्थित श्री शिवगंगा आश्रम में प्रवास करेंगे। इस दौरान प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे से दर्शन, संगोष्ठी एवं दीक्षा कार्यक्रम होंगे। शाम 5:30 बजे से हिंदू राष्ट्र विषय पर संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। बैठक में शंकराचार्य द्वारा चलाए जा रहे हिंदू राष्ट्र अभियान से जुड़े विषयों पर भी कार्यकर्ताओं ने चर्चा की।

बैठक में कार्यकर्ताओं ने शंकराचार्य के आगमन के दौरान व्यवस्था, स्वागत, प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय करने पर विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर आचार्य आलोक मिश्र, आचार्य प्रशांत मिश्र, व्यास मुनि, बीपी सिंह, प्रताप दुबे, राजीव मिश्र राणा, मनोज त्रिपाठी, विजय पांडेय, दीपक सिंह, शैलेंद्र मिश्र, कनक सिंह, कार्तिकेय, सत्य प्रकाश मिश्र, सुरेंद्र पांडेय सहित पीठ परिषद, आदित्यवाहिनी और आनंदवाहिनी के कार्यकर्ता एवं बटुक उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि श्री शिवगंगा आश्रम में इससे पहले भी धार्मिक और वैदिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। अगस्त में यहां श्रावणी उपाकर्म का आयोजन भी हुआ था, जिसमें डॉ. दिव्यकांत त्रिपाठी और व्यास मुनि समेत कई लोग उपस्थित रहे थे।