अत्याचार और अन्याय के खिलाफ अदम्य साहस की प्रतिमूर्ति थीं फूलन देवी : डॉ. मानसिंह यादव

अत्याचार और अन्याय के खिलाफ अदम्य साहस की प्रतिमूर्ति थीं फूलन देवी : डॉ. मानसिंह यादव

अत्याचार और अन्याय के खिलाफ अदम्य साहस की प्रतिमूर्ति थीं फूलन देवी : डॉ. मानसिंह यादव

प्रयागराज, 10 अगस्त । समाजवादी पार्टी की पूर्व सांसद स्व. फूलन देवी अत्याचार और अन्याय के खिलाफ अदम्य साहस व धैर्य के साथ संघर्ष करने वाली साहसी महिला थीं।

यह बातें सोमवार को सपा कार्यालय में पूर्व सांसद स्व. फूलन देवी की जयंती पर आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता समाजवादी पार्टी के एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव ने कही। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष देश के शोषित, पीड़ित और वंचित समाज की उन महिलाओं के लिए सदैव प्रेरणा देता रहेगा, जो अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के बजाय चुप रहना या जीवन समाप्त कर लेना ही अंतिम विकल्प समझती हैं। फूलन देवी ने विपरीत परिस्थितियों में जिस साहस का परिचय दिया, वह इतिहास में दर्ज है।

सपा जिलाध्यक्ष अनिल यादव और महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन ने कहा कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्व. मुलायम सिंह यादव ने शोषण की शिकार फूलन देवी को सम्मान दिया और उन्हें देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद तक पहुंचने का अवसर प्रदान किया। नेताजी के मन में हमेशा समाज के शोषित और वंचित वर्ग के उत्थान की चिंता रही।

वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए लिए गए संकल्प को पूरा करने के लिए सभी कार्यकर्ता मजबूती से जुटें। गोष्ठी का संचालन राम मूरत यादव ‘नाटे चौधरी’ ने किया। इस अवसर पर विधायक विजमा यादव, पूर्व विधायक सत्यवीर मुन्ना, पंधारी यादव, अमरनाथ मौर्य, राम मिलन यादव, कृष्णमूर्ति यादव, दूधनाथ पटेल, दान बहादुर सिंह मधुर, महेंद्र निषाद, रविंद्र यादव एडवोकेट, हेमंत टुन्नू, वजीर खां, महबूब उस्मानी, मनोज पांडेय, पूर्व प्रमुख संदीप यादव, मोईन हबीबी, डॉ. राजेश यादव, श्याम करण यादव, संगीता पटेल, राम सुमेर पाल, नंदलाल पटेल, आसुतोष तिवारी, दीपमाला पटेल, राम अवध पाल, केके यादव, बच्चा यादव, पद्मा यादव, संगम लाल, खिन्नी लाल पासी, संतोष यादव, महेंद्र सरोज, प्रभाकर यादव, मांगलदेव, प्रदीप निषाद, राजू पासी, जीतराज हेला, अरविंद हेला, अवधेश यादव ‘पंचू’, आरएन यादव, सचिन श्रीवास्तव, अनिल बिंद, संतोष बिंद, अरविंद बिंद, मेहरबान सिंह, मकबूल हासमी, रूपनाथ एडवोकेट, जोखन लाल बिंद आदि मौजूद रहे और अपने विचार व्यक्त किए।