प्रो. संगीता श्रीवास्तव फिर बनीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति, 5 साल का होगा दूसरा कार्यकाल

राष्ट्रपति की ओर से पुनर्नियुक्ति का आदेश जारी, नया कार्यकाल 16 सितंबर 2026 से प्रभावी; विश्वविद्यालय में शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने जताई खुशी।

प्रो. संगीता श्रीवास्तव फिर बनीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति, 5 साल का होगा दूसरा कार्यकाल



प्रयागराज, 23 सितंबर। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव को पांच वर्ष के दूसरे कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किया गया है। विश्वविद्यालय की विजिटर एवं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से 22 सितंबर को उनकी पुनर्नियुक्ति का आदेश जारी किया गया। शिक्षा मंत्रालय ने भी विश्वविद्यालय को इस संबंध में सूचित कर दिया है। विश्वविद्यालय के 139वें स्थापना दिवस के अवसर पर मिली इस सूचना का शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने स्वागत किया है।

प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने 30 नवंबर 2020 को इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति के रूप में कार्यभार संभाला था। अब उनका नया कार्यकाल 16 सितंबर 2026 से पांच वर्षों के लिए प्रभावी होगा। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा और शिक्षिका भी रही हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का केंद्र बनाने का प्रयास जारी रहेगा

कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि पुनर्नियुक्ति का समाचार विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर मिले सुखद उपहार के समान है। उन्होंने कहा कि वह संस्थान और समाज की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं तथा विश्वविद्यालय को शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता का केंद्र बनाने के लिए प्रयास जारी रखेंगी।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को नैक से ए प्लस ग्रेड मिलना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसे वह आगे की यात्रा की शुरुआत मानती हैं। उनका प्रयास रहेगा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपनी क्षमताओं को पहचानें और अपने सर्वांगीण विकास के साथ व्यावसायिक क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बनाएं।

पहले कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां

प्रो. संगीता श्रीवास्तव के पहले कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय में कई महत्वपूर्ण कार्य हुए। विश्वविद्यालय को नैक से ए प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ। 256 गौरवशाली पूर्व छात्रों के नाम स्वर्ण पट्ट पर अंकित कर विजयनगरम परिसर में रोल ऑफ ऑनर बोर्ड स्थापित किया गया।

विज्ञान संकाय में डे-केयर सेंटर शुरू किया गया, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों के बच्चों को सुविधा मिली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम लागू किया गया। इसमें प्रमाणपत्र, डिप्लोमा, डबल मेजर डिग्री और शोध के साथ ऑनर्स जैसे विकल्प शामिल किए गए।

विश्वविद्यालय के इतिहास और पूर्व छात्रों से जुड़ी विरासत को संरक्षित करने के लिए एलुमनाई एसोसिएशन का गठन किया गया। करीब 400 शिक्षकों की नियुक्ति और 280 से अधिक शिक्षकों को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के तहत पदोन्नति दी गई। इसके अलावा 636 गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति हुई।

खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए पांच नए खेल मैदान बनाए गए और दो खेल प्रांगणों का जीर्णोद्धार कराया गया। खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए पुरस्कार राशि भी दी गई। वहीं, हिंदू छात्रावास और विज्ञान परिषद समेत करीब 200 करोड़ रुपये की संपत्तियों का अधिग्रहण भी विश्वविद्यालय के पहले कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी प्रो. जया कपूर ने कहा कि कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की पुनर्नियुक्ति से विश्वविद्यालय परिवार में प्रसन्नता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास और शैक्षणिक गुणवत्ता को आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को नए कार्यकाल में भी गति मिलने की उम्मीद है।