के.एम. हॉस्पिटल में बढ़ रहे नाक, कान और गला के मरीज, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

के.एम. हॉस्पिटल में बढ़ रहे नाक, कान और गला के मरीज, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

के.एम. हॉस्पिटल में बढ़ रहे नाक, कान और गला के मरीज, डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह

मथुरा, 14 जुलाई। मानसून की पहली बारिश के बाद जहां एक ओर लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर बदलते मौसम ने बीमारियों को न्यौता दे दिया है। शहर के प्रतिष्ठित के.एम. हॉस्पिटल में इन दिनों मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। अस्पताल के ओपीडी ब्लॉक में रोजाना सैकड़ों की संख्या में सर्दी-खांसी, जुकाम, गले में संक्रमण और कान के दर्द से परेशान मरीज पहुंच रहे हैं। इस बदलते मौसम और बढ़ती बीमारियों को लेकर के.एम. हॉस्पिटल के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

मंगलवार ईएनटी विभाग की डा. शिवांगी द्विवेदी ने बताया कि बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ने के कारण बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। इसके चलते गले में खराश, दर्द, सूजन और आवाज बैठने जैसी शिकायतें लेकर मरीज आ रहे हैं। उन्होंने सलाह दी कि गले में लगातार दर्द या निगलने में परेशानी होने पर इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

ईएनटी विभाग के डा. राकेश बघेल के अनुसार, इस मौसम में विशेषकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर होने के कारण वे जल्दी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बारिश में भीगने से बचें और यदि भीग जाएं, तो तुरंत अपने कपड़े बदलकर शरीर को सुखाएं।

ईएनटी विभाग के डा. कवर विक्रांत सिंह ने कान की बीमारियों को लेकर सचेत किया। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में कान में फुंसी, सूजन, तेज दर्द या कम सुनाई देने के मामले बढ़ जाते हैं। कई बार कान में पानी चले जाने से भी संक्रमण (इन्फेक्शन) हो जाता है। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि कान में खुजली या दर्द होने पर माचिस की तीली, हेयरपिन या कॉटन बड जैसी कोई भी चीज कान के अंदर न डालें, इससे कान के पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं डा. अनामिका ने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि इस मौसम में ठंडी चीजें खाने-पीने से बचना चाहिए और केवल साफ व सुरक्षित पानी का ही सेवन करना चाहिए। बाहर के खुले और बासी भोजन से दूरी बनाकर हम कई तरह के वायरल संक्रमणों से सुरक्षित रह सकते हैं।

के.एम. हॉस्पिटल के प्रबंधन और डॉक्टरों ने संयुक्त रूप से मरीजों से अपील की है कि बीमारी के लक्षण दिखने पर खुद से दवाइयां न लें। बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक्स या अन्य दवाएं लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर अस्पताल आकर उचित जांच व उपचार कराएं। ीं