देवा मेले में विराट कवि सम्मेलन ने बांधा समां, देर रात तक गूंजती रही तालियां
बाराबंकी के ऐतिहासिक देवा मेला एवं प्रदर्शनी-2026 में देशभर के कवियों ने हास्य, प्रेम, वीर और राष्ट्रभक्ति रस से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध
बाराबंकी, 04 नवंबर । ऐतिहासिक देवा मेला एवं प्रदर्शनी-2026 में मंगलवार की रात आयोजित विराट कवि सम्मेलन में देशभर से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से साहित्य और संवेदनाओं के विविध रंग बिखेरे। हास्य-व्यंग्य, प्रेम, राष्ट्रप्रेम और वीर रस की कविताओं ने श्रोताओं को कभी गुदगुदाया तो कभी भावविभोर कर दिया। देर रात तक ऑडिटोरियम तालियों और वाहवाही से गूंजता रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सांसद एपी गौतम, सुंदर लाल भारती तथा मेला कमेटी के सदस्य चौधरी मोहम्मद फैज महमूद, राय सुरेश्वर बली और कुंवर सानिध्य बली ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अध्यक्षता चौधरी मोहम्मद फैज महमूद ने की। संयोजन वरिष्ठ कवि अम्बरीश अम्बर ने किया, जबकि कोलकाता के प्रो. राहुल अवस्थी ने मंच संचालन किया।
कवयित्री अंशु प्रिया दुबे ने सरस्वती वंदना से काव्यपाठ की शुरुआत की। लखनऊ के गीतकार अखंड प्रताप सिंह ने जिंदगी के उतार-चढ़ाव को गीतों में पिरोया। प्रयागराज के हास्य कवि अखिलेश द्विवेदी ने हंसी और खुशियां बांटने का संदेश देकर खूब गुदगुदाया। योगेंद्र मधुप ने प्रेम और विरह की भावनाएं व्यक्त कीं। डॉ. अनु सपन ने संघर्ष और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। अंशु प्रिया दुबे ने सैनिकों के सम्मान में भावपूर्ण रचना सुनाई, जबकि राजस्थान के योगेंद्र शर्मा ने वीर रस की कविताओं से राष्ट्रभक्ति का संचार किया।
कवियों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों से उत्साहवर्धन किया। साहित्य, हास्य और राष्ट्रप्रेम से सजी यह संध्या देर रात तक यादगार बनी रही।