ई-रिक्शा रूट निर्धारण के विरोध में वेलफेयर एसोसिएशन का ऐलान: मांगें न मानी तो सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल

ई-रिक्शा रूट निर्धारण के विरोध में वेलफेयर एसोसिएशन का ऐलान: मांगें न मानी तो सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल

ई-रिक्शा रूट निर्धारण के विरोध में वेलफेयर एसोसिएशन का ऐलान: मांगें न मानी तो सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल

कानपुर, 16 जुलाई  कानपुर में ई-रिक्शा चालकों के लिए लागू किए गए नए रूट निर्धारण के विरोध में बुधवार को 'ई रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन' ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। फजलगंज स्थित वीनस ई-रिक्शा एजेंसी में आयोजित इस प्रेस वार्ता में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विकास श्रीवास्तव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने ई-रिक्शा के लिए निर्धारित किए गए नए मार्गों को रद्द नहीं किया या उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आगामी सोमवार से समूचे शहर में ई-रिक्शा का संचालन अनिश्चितकाल के लिए ठप कर दिया जाएगा।

हजारों चालकों की आजीविका पर संकट का दावा

प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए विकास श्रीवास्तव ने कहा कि प्रशासन द्वारा मनमाने ढंग से ई-रिक्शा के रूट निर्धारित करने से हजारों चालकों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए रूट निर्धारण से कई महत्वपूर्ण बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में ई-रिक्शा के प्रवेश पर प्रतिबंध लग गया है, जिससे यात्रियों को भी असुविधा हो रही है और चालकों का राजस्व बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ई-रिक्शा चालक शहर के परिवहन का एक अहम हिस्सा हैं और वे सरकार की नीतियों के कारण लगातार हाशिए पर धकेले जा रहे हैं।

प्रशासन पर मनमानी का आरोप, बातचीत की अपील

श्री श्रीवास्तव ने कहा, "यह नया रूट निर्धारण अव्यावहारिक है और ई-रिक्शा चालकों के हितों के पूरी तरह खिलाफ है। हमने कई बार प्रशासन से अपनी समस्याएं साझा करने का प्रयास किया, लेकिन हमारी बातों को अनसुना किया गया। यदि अब भी प्रशासन हमारी जायज मांगों को नहीं मानता है और ई-रिक्शा चालकों को राहत नहीं देता है, तो हमारे पास हड़ताल पर जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।" उन्होंने यह भी बताया कि इस हड़ताल से शहर की परिवहन व्यवस्था चरमरा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस दौरान उनके साथ एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक भी मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की।

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी से बढ़ी चिंता

एसोसिएशन ने साफ कर दिया है कि उनकी प्रमुख मांग नए रूट निर्धारण को पूरी तरह वापस लेना और ई-रिक्शा चालकों के सुझावों को शामिल करते हुए एक व्यावहारिक समाधान निकालना है, जिससे शहर में यातायात सुगम रहे और चालकों का रोजगार भी सुरक्षित रह सके। यदि सोमवार तक कोई संतोषजनक परिणाम नहीं आता है, तो कानपुर के सभी ई-रिक्शा चालक अपनी सेवाएं पूर्णतः बंद कर देंगे, जिससे आम जनता को भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधन सीमित हैं। इस घोषणा के बाद से शहर में ई-रिक्शा चालकों के बीच तनाव और अनिश्चितता का माहौल है, जबकि प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह इस मुद्दे पर जल्द कोई समाधान निकाले।