कानपुर में राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी ने जिला अधिकारी कार्यालय में मांगों को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन व सौंपा ज्ञापन का छायाचित्र

कानपुर में राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी ने जिला अधिकारी कार्यालय में मांगों को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन व सौंपा ज्ञापन का छायाचित्र

कानपुर में राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी ने जिला अधिकारी कार्यालय में मांगों को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन व सौंपा ज्ञापन का छायाचित्र

कानपुर में दिव्यांगों के अधिकारों की पैरवी करने वाली 'राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी' ने बुधवार, 16 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय पर एक जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों ने एकत्रित होकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और जिला अधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग समुदाय की लंबित समस्याओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था।

हिन्दुस्तान समाचार (हि.स.) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, कानपुर, 16 जुलाई को हुए इस प्रदर्शन में राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी ने प्रशासन से तीन प्रमुख मांगों को अविलंब पूरा करने की अपील की। ज्ञापन में दिव्यांगजनों के लिए "आसरा आवास" योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग सबसे ऊपर थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि वित्तीय कठिनाइयों और समाज में व्याप्त भेदभाव के कारण कई दिव्यांगजन बेघर हैं या अत्यंत दयनीय परिस्थितियों में रह रहे हैं, और आसरा योजना उनके लिए जीवन रेखा साबित हो सकती है।

दूसरी महत्वपूर्ण मांग आवास आवंटन में बड़े पैमाने पर हो रहे कथित "फर्जीवाड़े" की उच्च स्तरीय जांच से संबंधित थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि आवास योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों, खासकर दिव्यांगों तक नहीं पहुंच पा रहा है, क्योंकि आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की ताकि दोषियों को दंडित किया जा सके और असली जरूरतमंदों को उनका हक मिल सके।

तीसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग "दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016" (Rights of Persons with Disabilities Act 2016) को पूरी तरह से लागू करने की थी। पार्टी का कहना था कि यह अधिनियम दिव्यांगों को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सुगम्यता (accessibility) और गैर-भेदभाव जैसे महत्वपूर्ण अधिकार प्रदान करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके प्रावधानों का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस अधिनियम के सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और दिव्यांगों को उनके संवैधानिक अधिकारों का पूर्ण लाभ दिलाने की अपील की।

जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन में दिव्यांगजनों ने अपनी लाठियों और व्हीलचेयर के साथ भागीदारी की, जो उनकी दृढ़ता और अधिकारों के प्रति जागरूकता को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और जल्द ही आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि दिव्यांग समुदाय को समाज में सम्मानजनक स्थान और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। इस पूरे घटनाक्रम के छायाचित्र भी मीडिया में प्रसारित किए गए, जो प्रदर्शन की गंभीरता और उपस्थिति को दर्शाते हैं।