छोटे भाई की पत्नी ने लीवर दान कर बचाई जेठ की जान
छोटे भाई की पत्नी ने लीवर दान कर बचाई जेठ की जान
फर्रुखाबाद, 16 फरवरी । उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज ब्लॉक के निजामुद्दीनपुर गांव में रिश्तों की मिसाल पेश करने वाली घटना सामने आई है। यहां छोटे भाई की पत्नी ने अपने जेठ को लीवर दान कर नया जीवन दिया है।
निजामुद्दीनपुर निवासी अकबर पिछले आठ महीनों से लीवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। डॉक्टरों ने स्पष्ट कर दिया था कि लीवर ट्रांसप्लांट ही उनकी जान बचाने का एकमात्र विकल्प है। इसी बीच उनकी पत्नी अपने आठ वर्षीय बेटे के साथ मायके चली गईं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
जब अकबर की जिंदगी की उम्मीदें कम होने लगीं, तब उनके छोटे भाई अमजद की 29 वर्षीय पत्नी निदा परवीन ने साहसिक निर्णय लिया। उन्होंने अपने जेठ को लीवर दान करने की हामी भर दी। परिवार और चिकित्सकीय जांच के बाद दिल्ली के एक निजी अस्पताल में गुरुवार को सफलता पूर्वक लीवर ट्रांसप्लांट किया गया। डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन को सफल बताया है। फिलहाल निदा परवीन और अकबर दोनों की हालत स्थिर है और वे चिकित्सकों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।
साेमवार काे निदा परवीन ने अपने इस कदम को कर्तव्य बताते हुए कहा, “जेठ मेरे बड़े भाई की तरह हैं। उनका जीवन बचाना मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण था।” यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। ग्रामीण निदा के साहस, त्याग और पारिवारिक समर्पण की सराहना कर रहे हैं।