प्रयागराज: दशाश्वमेघ घाट पर गोलीबारी से हड़कंप, तीर्थ पुरोहित घायल

प्रयागराज: दशाश्वमेघ घाट पर गोलीबारी से हड़कंप, तीर्थ पुरोहित घायल

प्रयागराज: दशाश्वमेघ घाट पर गोलीबारी से हड़कंप, तीर्थ पुरोहित घायल

प्रयागराज, 13 जुलाई । प्रयागराज के पवित्र दशाश्वमेघ घाट पर शनिवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब कर्मकांड के लिए तख्त लगाने के मामूली विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। तीर्थ पुरोहितों के दो गुटों के बीच हुए इस विवाद के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग की गई, जिसमें एक तीर्थ पुरोहित लखन मिश्र गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय दारागंज थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने इस संबंध में रविवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

घटना का विवरण: अपर पुलिस उपायुक्त (नगर) अभिजीत कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह वारदात दारागंज थाना क्षेत्र के दशाश्वमेघ घाट स्थित मोरी गेट के पास शनिवार रात करीब 10 बजे हुई। जानकारी के अनुसार, गंगा किनारे कर्मकांड कराने वाले तीर्थ पुरोहितों के बीच लंबे समय से स्थान और तख्त (बैठने के लिए लकड़ी का प्लेटफॉर्म) लगाने को लेकर विवाद चला आ रहा है। शनिवार रात भी इसी बात को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। प्रारंभिक विवाद पहले तीखी बहस में बदला, फिर हाथापाई हुई और देखते ही देखते गोलीबारी शुरू हो गई। इसी दौरान एक पक्ष द्वारा चलाई गई गोली लखन मिश्र नामक तीर्थ पुरोहित के पेट में लग गई, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े।

पुलिस की कार्रवाई और जांच: गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तत्काल दारागंज SHO और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल लखन मिश्र को एंबुलेंस से स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

अपर पुलिस उपायुक्त ने बताया कि रविवार को घायल तीर्थ पुरोहित के परिजन की तहरीर पर दारागंज मोरी निवासी विमल मिश्र, ऋतिक सहित कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं (जैसे हत्या के प्रयास, मारपीट, शस्त्र अधिनियम आदि) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद से ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं, जो उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

वर्चस्व की पुरानी लड़ाई: दशाश्वमेघ घाट और आसपास के क्षेत्रों में तीर्थ पुरोहितों के बीच स्थान, यजमान और कर्मकांड के अधिकारों को लेकर अक्सर विवाद होते रहते हैं। यह घटना भी इसी वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम मानी जा रही है, जिसने इस बार हिंसक रूप धारण कर लिया। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। घाट पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है।