प्रयागराज में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने "शहीद वॉल" पर अर्पित किए श्रद्धासुमन
बलिदानियों के सम्मान में किया वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश
प्रयागराज, 13 जुलाई । उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार, 13 जुलाई को संगम नगरी प्रयागराज के सिविल लाइन स्थित 'शहीद वॉल' का दौरा कर देश के अमर बलिदानियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत नवनिर्मित एवं सौंदर्यीकृत इस स्मृति स्थल पर पहुंचकर उपमुख्यमंत्री ने शहीदों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करते हुए श्रद्धा के दीप प्रज्ज्वलित किए और पुष्पांजलि अर्पित की।

वृक्षारोपण के माध्यम से शहीदों को नमन और प्रकृति संरक्षण का संदेश: इस अवसर पर, उपमुख्यमंत्री मौर्य ने 'वृक्षारोपण महाअभियान' और 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने शहीद वॉल परिसर में शहीदों के सम्मान में 'मौलश्री' का पौधा रोपित करते हुए उपस्थित जनसमुदाय से अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण कर प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने प्रकृति की महत्ता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया, इसे शहीदों के सपनों को पूरा करने का अभिन्न अंग बताया।
उपमुख्यमंत्री का प्रेरणादायक संबोधन: आजादी के सपनों को साकार करने का आह्वान अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भारत की स्वतंत्रता के 76वें वर्ष में प्रवेश करने पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज हम ब्रिटिश हुकूमत की पराधीनता से पूर्णतः मुक्त हैं और यह गर्व का विषय है कि जिन शक्तियों ने एक समय हमारे देश पर शासन किया था, वे आज आर्थिक मोर्चे पर भारत से कहीं पीछे छूट गए हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह सब उन अमर शहीदों के बलिदान का प्रतिफल है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अंग्रेजों की अमानवीय यातनाओं को सहन किया और हंसते-हंसते फाँसी के फंदे को चूम लिया।

मौर्य ने दृढ़तापूर्वक कहा कि देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों ने एक स्वतंत्र और समृद्ध भारत का जो सपना देखा था, उसे साकार करना हम सभी का परम दायित्व है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे शहीद वॉल पर आकर दीप प्रज्ज्वलित कर उन सभी पूर्वजों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और बलिदानियों को नमन करें, जिन्होंने देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने 'शहीद वॉल' को प्रयागराज के लिए गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह स्थल केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि देशभक्ति का एक जीवंत तीर्थ है। उनका मानना था कि प्रयागराज आने वाले किसी भी तीर्थयात्री की यात्रा तब तक अधूरी मानी जानी चाहिए, जब तक वह इस 'शहीद वॉल' के दर्शन न कर ले। उन्होंने यह भी बताया कि इस महत्वपूर्ण स्थल का विकास कार्य निरंतर जारी है।

प्रयागराज: देशभक्ति और बलिदान की तीर्थभूमि उपमुख्यमंत्री ने प्रयागराज की महिमा का बखान करते हुए कहा कि यह केवल 'संगम नगरी' ही नहीं, बल्कि देशभक्ति और बलिदान की पवित्र तीर्थभूमि भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रयागराज एक विलक्षण तीर्थ स्थल है, जिसकी महिमा का वर्णन शब्दों में कर पाना कठिन है। यह क्रांतिकारियों, साहित्यकारों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कर्मभूमि और तीर्थस्थली रही है। उन्होंने अपनी आकांक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि प्रयागराज को पूरे विश्व में एक ऐसे अद्वितीय शहर और जनपद के रूप में पहचान मिले, जिसकी चर्चा भारत के कोने-कोने में और वैश्विक स्तर पर भी गौरव के साथ की जा सके।

सहयोगियों का सम्मान और कार्यक्रम का सफल संचालन इस महत्त्वपूर्ण अवसर पर, उपमुख्यमंत्री ने 'शहीद वॉल' के निर्माण और इसके सौंदर्यीकरण में अतुलनीय योगदान देने वाली 'भारत भाग्य विधाता' संस्था की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से संस्था के वीरेन्द्र पाठक और उनके सभी सहयोगियों के अथक प्रयासों को सराहा और भविष्य में भी इसके विकास के लिए रचनात्मक सुझाव आमंत्रित किए। कार्यक्रम के दौरान वीरेन्द्र पाठक ने शहीद वॉल के इतिहास और इसके निर्माण प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में, केवी पाण्डेय और वीरेन्द्र पाठक ने उपमुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने किया।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति इस गरिमामय कार्यक्रम में महापौर गणेश केसरवानी, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, गंगापार अध्यक्ष निर्मला पासवान, यमुनापार अध्यक्ष राजेश शुक्ला, पूर्व उपमहापौर केवी पाण्डेय, अनामिका चौधरी, भारत भाग्य विधाता संस्था के सभी पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य सहित अन्य अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।