मुड़िया मेला 2024: उत्तर मध्य रेलवे की शानदार पहल से रिकॉर्ड 3.65 लाख तीर्थयात्रियों ने की यात्रा, 3.16 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित

मुड़िया मेला 2024: उत्तर मध्य रेलवे की शानदार पहल से रिकॉर्ड 3.65 लाख तीर्थयात्रियों ने की यात्रा, 3.16 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित

मुड़िया मेला 2024: उत्तर मध्य रेलवे की शानदार पहल से रिकॉर्ड 3.65 लाख तीर्थयात्रियों ने की यात्रा, 3.16 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित

प्रयागराज, 13 जुलाई। मथुरा में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध और आध्यात्मिक महत्व के मुड़िया पूर्णिमा मेला (Mudia Purnima Mela), जो इस वर्ष 5 जुलाई से 12 जुलाई तक चला, उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के लिए एक बड़ी सफलता और मील का पत्थर साबित हुआ है। रेलवे द्वारा तीर्थयात्रियों को प्रदान की गई उत्कृष्ट एवं सुव्यवस्थित सेवाओं के परिणामस्वरूप, इस धार्मिक आयोजन में रिकॉर्ड 3.65 लाख आउटवर्ड यात्रियों ने भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा तक यात्रा की, जिससे रेलवे को 3.16 करोड़ रुपये का प्रभावशाली राजस्व प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि उत्तर मध्य रेलवे की कुशल नियोजन, अथक प्रयास और यात्रियों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसने श्रद्धालुओं को बेहद सुगम और आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान किया।

उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी, अमित मालवीय ने रविवार को इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "मुड़िया मेला में लाखों श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व उपस्थिति को देखते हुए, उनकी सुविधा और सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता थी। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की थीं कि हर तीर्थयात्री अपनी यात्रा को बिना किसी परेशानी के पूरा कर सके।"

इस विशाल जनसमूह को कुशलतापूर्वक संभालने के लिए, उत्तर मध्य रेलवे ने एक व्यापक परिवहन योजना लागू की। इसके तहत कुल 208 'मेला स्पेशल ट्रेनें' संचालित की गईं, जिनमें से 68 सेवाओं का रणनीतिक रूप से विस्तार किया गया ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले तीर्थयात्रियों को मथुरा तक सीधी और निर्बाध पहुंच मिल सके। इन विशेष ट्रेनों का प्राथमिक उद्देश्य श्रद्धालुओं की आगमन और वापसी यात्रा दोनों को परेशानी मुक्त और सुगम बनाना था, जिससे उन्हें अपने धार्मिक अनुष्ठानों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिल सके।

अतिरिक्त कोच और अस्थायी ठहराव से मिली यात्रियों को राहत

यात्रियों की बढ़ती संख्या को प्रभावी ढंग से समायोजित करने और भीड़भाड़ को कम करने के लिए, उत्तर मध्य रेलवे ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया। विभिन्न नियमित यात्री ट्रेनों में 40 अतिरिक्त कोच जोड़े गए, जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान अधिक स्थान और आराम मिल सका। इसके अतिरिक्त, चार प्रमुख मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को मथुरा स्टेशन पर 'अस्थायी ठहराव' प्रदान किया गया। यह एक दूरदर्शी निर्णय था जिसने देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को सीधे मेला स्थल के करीब उतरने की सुविधा दी, जिससे न केवल उनका बहुमूल्य समय बचा बल्कि अनावश्यक यात्रा से जुड़ी थकान और असुविधा भी कम हुई।

यात्रियों की संख्या और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि

इन सभी सुनियोजित प्रयासों के परिणामस्वरूप, मुड़िया मेला 2024 की अवधि के दौरान उत्तर मध्य रेलवे ने कुल 3.65 लाख आउटवर्ड यात्रियों को सफलतापूर्वक सेवा प्रदान की। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की मेला अवधि की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है, जो रेलवे की क्षमता और तीर्थयात्रियों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। यात्रियों की संख्या में इस अभूतपूर्व उछाल के साथ-साथ, रेलवे को 3.16 करोड़ रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत की असाधारण वृद्धि दर्ज की गई। यह न केवल वित्तीय सफलता है, बल्कि रेलवे द्वारा प्रदान की गई सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को भी स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है।

उत्तर मध्य रेलवे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह सभी प्रमुख धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर अपने यात्रियों को उत्कृष्ट, सुरक्षित और आरामदायक सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुड़िया मेला 2024 की यह असाधारण सफलता रेलवे को भविष्य में आयोजित होने वाले ऐसे बड़े आयोजनों के लिए और भी बेहतर सुविधाएं और नवाचार प्रदान करने हेतु प्रेरित करती है। यह यात्रियों की सेवा और देश की समृद्ध सांस्कृतिक व धार्मिक विरासत के प्रति रेलवे की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।