तर्पण-समर्पण के संकल्पों के साथ देश के लिए जिएं: सुभाष
शहीद पितृ श्रद्धा नमन” के माध्यम से देश के बलिदानी पितरों का तर्पण
लखनऊ, 21 सितम्बर स्वाधीनता संग्राम, विभाजन विभीषिका, एवं राष्ट्ररक्षा में बलिदान हुए ज्ञात -अज्ञात असंख्य क्रान्तिवीरों को रविवार को गोमती तट स्थित शहीद स्मारक पर सामूहिक तर्पण -श्रद्धार्पण कर ‘‘शहीद पितृ श्रद्धा नमन’ अनुष्ठान के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष ने कहा कि ‘‘शहीद पितृ श्रद्धा नमन’’ देश भक्ति जागृति का आधार है। तर्पण-समर्पण के संकल्पों के साथ देश के लिए जिएं। बलिदानी वीर वे महान आत्माएं हैं जिन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन, परिवार और सुखों को छोड़कर राष्ट्र की रक्षा, स्वतंत्रता और गौरव के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे बलिदानी वीरों का तर्पण करना, उनके प्रति हमारी कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने पंच परिवर्तन की चर्चा करते हुए कहा कि स्व का भाव, सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य से ही देश में परिवर्तन आएगा और क्रांतिवीरों के सपनों का भारत बनेगा।
विश्ष्टि अतिथि राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र ने कहा कि देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बलिदानियों कि श्रृंखला ने ही देश को स्वाधीन कराया। निहित स्वार्थों और आपसी वैमनस्यता को भुलाकर देश के विकास में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। देश की युवा पीढ़ी को उन्हें अपना आदर्श मानकर उनके बताये रास्ते पर चलना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित ने कहा कि जिन क्रांतिवीरों की बलिदान की वजह से राष्ट्र जीवन सतत् आलोकित है, उन वीर सपूतों के त्याग, बलिदान व सर्मपण को नमन करना हमारा पुनीत कर्तव्य है। आज हम जिन ज्ञात-अज्ञात शहीद पितरों का श्रर्द्धापण कर रहे हैं। उनका आशीष हमें देश भक्ति और सद्भावना के क्षेत्र में आगे बढ़ायेगा।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सुमंगलम परिवार के महासचिव राजकुमार ने कहा कि जिन क्रान्तिकारियों ने अपना प्राणोत्सर्ग कर हमें आजादी दिलायी, उनके सपनों का भारत बनाने के लिए हमें देश के लिए जीना चाहिए। तर्पण से युवाओं को राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा मिलती है।
कर्तव्या फाउंडेशन के महासचिव डॉ हरनाम सिंह ने कहा कि तर्पण राष्ट्रीय चेतना, एकता और समर्पण की भावना को प्रबल करता है, जो एक समृद्ध और सुरक्षित राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यावश्यक है।
कार्यक्रम का आयोजन सुमंगलम सेवा साधना संस्थान,कर्तव्या फाउण्डेशन एवं शहीद स्मृति समारोह समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।