नानाजी के कार्यों को नजदीकी से देखने के मिले कई अवसर : बृजभूषण शरण  सिंह

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने चित्रकूट के सियाराम कुटीर पहुंचकर नानाजी को दी श्रद्धांजलि

नानाजी के कार्यों को नजदीकी से देखने के मिले कई अवसर : बृजभूषण शरण  सिंह

चित्रकूट, 16 फ़रवरी । नानाजी अक्सर कहा करते थे जिस दिन गांव जाग जाएंगे, उस दिन दुनिया जाग जाएगी। वह ऐसा अपने राजनीतिक अनुभव, सामाजिक दृष्टिकोण से कहा करते थे। उन्होंने कहा ही नहीं करके भी दिखाया। उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद से शुरू की गई उनकी सामाजिक यात्रा में समाज मूलक कार्यों को नजदीकी से देखने का अवसर मुझे कई बार मिला है। श्रद्धेय नानाजी अब हमारे बीच नहीं हैं लेकिन विचार के रूप में वह आज भी हमारे बीच मौजूद हैं। सियाराम कुटीर आकर आज पुनः पुरानी यादें ताजा हो गईं। यह बातें पूर्व सांसद एवं पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने कही।

बृजभूषण शरण सिंह साेमवार काे भारत रत्न नानाजी देशमुख के चित्रकूट स्थित आवास सियाराम कुटीर पहुंचे। इस दाैरान पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने नानाजी देशमुख के कक्ष में पहुंचकर उनको श्रद्धा पुष्प अर्पित की और उनके साथ बिताए पलाें काे याद करते हुए भाव विभाेर हाे गए।उन्हाेंने कुछ देर नानाजी के कक्ष में ही बैठकर बिताए और उन पलों को याद करते हुए अपनी चिर-स्मृतियां साझा किए। उन्हाेंने बताया कि नानाजी का कार्य यज्ञ की तरह है, उनको देखकर एक विशेष ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी जब गोंडा आए थे, तब उस समय वे भी गोंडा में नानाजी के कार्यों के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं। नानाजी के स्वाबलंबन कार्यों को बहुत नजदीक से देखने का अवसर कई बार मिला है।

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि नानाजी का व्यक्तित्व बहुत विराट रहा है। उनसे जितनी बार भी मिलो, हर बार एक नया अनुभव मिला। भारत रत्न नानाजी देशमुख ने गांव के मर्म को समझा और वहां रहने वाले लोगों के पुरुषार्थ को जगाने का काम किया। उन्हें अपना काम अपने आप करो की सीख देकर इस लायक बना दिया कि आज उनका हुनर सीखने के लिए दुनिया भर के लोग आ रहे हैं, जिन्हें यह सब देखना गंवारा नहीं था। नानाजी जब कहते थे कि गांव बदल सकते हैं। लोग गरीबी की जंग जीत सकते हैं। लोगों में स्वावलंबन भरा पड़ा है, केवल उसे कुरेदने की जरूरत है। तब शायद किसी को भरोसा नहीं रहा होगा कि ये चमत्कार हो जाएगा।

इससे पहले पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के सियाराम कुटीर पहुंचने पर दीनदयाल शोध संस्थान के कार्यकर्ता निखिल मिश्रा ने रोली टीका और गमछा के साथ उनका अभिनन्दन किया।