गोरखपुर विश्वविद्यालय - वार्षिक एथलेटिक मीट 2025 का समापन , कुलपति ने बढ़ाया उत्साह

अनुशासन, रियाज और सद्भाव खेल का मूल मंत्र : प्रो हेमशंकर वाजपेई

गोरखपुर विश्वविद्यालय - वार्षिक एथलेटिक मीट 2025 का समापन , कुलपति ने बढ़ाया उत्साह

गोरखपुर, 12 नवंबर । दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय वार्षिक एथलेटिक मीट का आज समापन हाे गया। समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने कहा कि खेल और जीवन दोनों में डेडीकेशन, डिटरमिनेशन और टीम स्पिरिट सर्वाधिक महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने कहा कि एनुअल एथलेटिक मीट लगभग ढाई लाख छात्रों का कार्यक्रम है। हमें इसके लिए अधिक से अधिक आम छात्रों को भी प्रोत्साहित करने की जरूरत है।

मुख्य अतिथि प्रो हेमशंकर वाजपेई ने कहा कि अनुशासन, रियाज और सद्भाव खेल का मूल मंत्र होता है। खिलाड़ियों के उत्थान में शिक्षक की भूमिका माता-पिता की तरह होती है। खेल युवाओं को टेक्नोलॉजी की गुलामी से बचाने का काम कर रहा है। इस वर्ष लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित प्रोफेसर हर्ष कुमार सिन्हा ने कहा कि खेल हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

आयोजन सचिव डॉ राजवीर सिंह ने एथलेटिक मीट की रिपोर्ट प्रस्तुत की. उन्होंने बताया कि इसमें कुल 35 टीमों के 395 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें 243 पुरुष खिलाड़ी एवं 152 महिला खिलाड़ी शामिल रहे। समापन समारोह में विश्वविद्यालय की महिला शिक्षक एवं कर्मचारियों ने रस्साकशी में शानदार प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पारंपरिक रूप से महिलाओं के लिए होने वाले म्यूजिकल चेयर खेल को दरकिनार कर 100 मीटर के रेस में प्रतिभाग किया और बेहतरीन प्रदर्शन किया। क्रीडा परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर विमलेश मिश्रा ने स्वागत किया जबकि संचालन प्रोफेसर प्रत्यूष दुबे एवं आभार ज्ञापन डॉ मनीष पांडेय ने किया।