गरिमा कुशवाहा को कृषि विकास पर जनसंख्या का अभिप्रभाव के भौगोलिक अध्ययन पर मिली पीएच.डी
गरिमा कुशवाहा को कृषि विकास पर जनसंख्या का अभिप्रभाव के भौगोलिक अध्ययन पर मिली पीएच.डी
झांसी, 20 अगस्त बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के कला संकाय के अंतर्गत भूगोल विभाग की शोधार्थी गरिमा कुशवाहा को "कृषि विकास पर जनसंख्या का अभिप्रभाव: एक भौगोलिक अध्ययन" विषय में पीएच.डी की उपाधि प्रदान की गई। गरिमा कुशवाहा मूलतः झांसी जिला के मऊरानीपुर तहसील की रहने वाली हैं। उनके पिता डॉ. नरेंद्र मोहन कुशवाहा अतर्रा, बांदा से पूर्व चिकित्सा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
गरिमा कुशवाहा ने अपनी पीएचडी अतर्रा पीजी कॉलेज, बांदा के सहायक आचार्य डॉ. रामगोपाल कुशवाहा के कुशल निर्देशन में पूरा किया। पीएचडी फाइनल प्रेजेंटेशन में बाह्य एक्सपर्ट के तौर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एस के सिंह मौजूद रहे। इस अवसर पर कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. मुन्ना तिवारी, भूगर्भ विभाग के अध्यक्ष प्रो. एम. एम. सिंह, हिंदी विभाग के आचार्य प्रो. पुनीत बिसारिया, सहायक आचार्य डॉ. नवीन चंद्र पटेल, डॉ. बिपिन प्रसाद समेत सभी शिक्षक एवं शोधार्थी मौजूद रहे। गरिमा कुशवाहा द्वारा किए गए शोध कार्य बढ़ती जनसंख्या और बदलते परिवेश में कृषकों के विकास में मददगार साबित होगा।