ईसीसी में ‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौता’ पर भाषण प्रतियोगिता

ईसीसी में ‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौता’ पर भाषण प्रतियोगिता

ईसीसी में ‘भारत-अमेरिका व्यापार समझौता’ पर भाषण प्रतियोगिता

प्रयागराज, 16 फरवरी। अर्थशास्त्र विभाग, इविंग क्रिश्चियन महाविद्यालय की ओर से “भारत-अमेरिका व्यापार समझौता“ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन सोमवार को किया गया। जिसमें महाविद्यालय के बी.ए एवं बी.एससी के 48 विद्यार्थियों ने भाग लेते हुए व्यापार समझौते के सम्भावित प्रभावों, अवसरों तथा चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिनमें आधे से अधिक छात्राएं शामिल थीं।



यह जानकारी कार्यक्रम के संयोजक प्रो उमेश प्रताप सिंह ने देते हुए बताया कि प्रतियोगिता में अभिसार ने प्रथम, शुभश्री ने द्वितीय तथा अर्पिता तिवारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, आयुष्मान को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। निर्णायक मंडल में प्रो सुनील कांत मिश्रा, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य संकाय, सीएमपी कॉलेज एवं पूर्व वित्त अधिकारी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय; डॉ हरीश कुमार सिंह, वरिष्ठ असिस्टेंट प्रोफेसर, शिक्षा विभाग, एस.एस खन्ना महाविद्यालय तथा डॉ स्वप्निल श्रीवास्तव, वरिष्ठ असिस्टेंट प्रोफेसर, गणित विभाग, ईसीसी एवं निदेशक, तरुण शांति सेना थे। ईसीसी अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो उमेश प्रताप सिंह ने सभी विजेताओं को नकद पुरस्कार, पुस्तकें एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए प्रो. सुनील कांत ने कहा कि भारत -अमेरिका व्यापार समझौते का अंतिम ड्रॉफ्ट अभी नहीं आया है। परंतु इसके दीर्घकालिक प्रभावों का संतुलित आंकलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को राष्ट्रों के मध्य वैश्विक व्यापारिक सम्बंधों की जटिलताओं और उसके सामरिक महत्व को समझने का प्रयास करना चाहिए।

डॉ. हरीश ने विद्यार्थियों को समसामयिक विषयों के प्रति जागरूक रहने तथा आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। डॉ. स्वप्निल ने भाषण की बारीकियों, भाषा की शुद्धता और प्रभावी शैली पर प्रकाश डालते हुए अभिव्यक्ति कौशल के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो उमेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम के आयोजन की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए निर्णायक मंडल सहित सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन शोध छात्रा सौम्या व शिविका ने एवं धन्यवाद ज्ञापन तनया कृष्ण ने किया। शोध छात्र अमिवर्श एवं श्रिया ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।